डीएम ने तहसील दिवस में अफसरों के बिना किसी सूचना के गैरहाजिर रहने को गंभीरता से लिया है। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी समेत 11 जिला स्तरीय अधिकारी को सर्विस ब्रेक का नोटिस देने का निर्देश दिया है। डीएम के निर्देश पर इन सभी अधिकारियों के एक दिन का वेतन रोकते हुए नोटिस जारी कर दिया गया है।
जिलाधिकारी के इस कड़े रुख से अफसरों में हड़कंप है। पंचायत चुनाव की आचार संहिता समाप्त होने के बाद मंगलवार को जिले की सभी तहसीलों में तहसील दिवस का आयोजन हुआ। अकबरपुर में ही जिलाधिकारी विवेक की अध्यक्षता में तहसील दिवस हुआ। इसमें सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को मौजूद रहना था।
इसके बावजूद कई विभागों के अधिकारी मनमाने ढंग से गैरहाजिर रहे। अक्सर जिला प्रशासन की बैठकों से नदारद रहने वाले मुख्य चिकित्साधिकारी मेजर डॉ. बीपी सिंह भी तहसील दिवस में भी मौजूद नहीं थे। डीएम ने इस पर कड़ी नाराजगी जतायी। पूछने पर कर्मचारियों ने कहा कि सीएमओ हाईकोर्ट लखनऊ गए हैं।
इस पर जब डीएम ने पूछा कि क्या हाईकोर्ट में व्यक्तिगत पेशी है तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बगले झांकने लगे। डीएम ने कहा कि अगर कोर्ट में व्यक्तिगत पेशी नहीं थी तो फिर उन्हें जिले से बाहर जाने के लिए अनुमति लेनी चाहिए थी।
बताते चलें कि सीएमओ इससे पहले भी कई बार विकास कार्यों को लेकर होने वाली मासिक बैठक और जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में भी गैरहाजिर रह चुके हैं। एसडीएम सदर पंकज ने सीएमओ को नोटिस जारी कर कहा कि अनाधिकृत ढंग से अनुपस्थित को क्यों न सेवा में व्यवधान माना जाए।
सीएमओ के अलावा उपकृषि निदेशक विनोद कुमार, जिला सेवायोजन अधिकारी आरवाई यादव, अधिशासी अभियंता नलकूप कमलेश कुमार, अधिशासी अभियंता सिंचाई नहर विद्यासागर सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. आरपी वर्मा, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत एके सिंह, जिला उद्यान अधिकारी, सहायक निबंधक सहकारी समितियां, जिला गन्ना अधिकारी व सहायक निदेशक मत्स्य के अनुपस्थित रहने पर नोटिस जारी किया गया है।