अंबेडकरनगर। स्वरोजगार के अवसर लेकर लाई गई पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत 87,296 आवेदन में से 70,366 महिलाएं शामिल हैं। महिलाएं इस योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर कौशल का विकास कर रही हैं। वहीं, ऋण मुहैया कराए जाने पर स्वरोजगार शुरू कर रही हैं। इससे आधी आबादी को आर्थिक रूप से सशक्त बनने में मदद मिल रही है।
शासन ने विश्वकर्मा योजना के तहत महिलाओं को रोजगार देने के लिए योजना तैयार की है। जिले में अब तक आए आवेदनों को जांच के बाद उन्हें लोन की स्वीकृति दी जा रही है। अब तक 132 महिलाओं को ऋण भी उपलब्ध करा दिया गया है। इस योजना के तहत पांच प्रतिशत ब्याज की दर से ऋण मिलता है। योजना में एक लाख तक ऋण पहली बार में दिया जाता है, जिससे लाभार्थी को 18 माह में चुकता करना होता है। इसके बाद उसे दो लाख का ऋण दिया जाता है।
सिलाई सेंटर के लिए दिखी दिलचस्पी
जिले में आने वाले आवेदनों में सबसे ज्यादा सिलाई के कार्य के लिए आए हैं। विभाग के आंकड़ों के अनुसार 68,393 आवेदन केवल दर्जी के लिए ही आए हैं। स्वरोजगार को लेकर महिलाओं में अब घर से बाहर निकल कुछ करने का साहस बढ़ा है।
विश्वकर्मा योजना में महिलाओं ने बड़ी संख्या में आवेदन किए हैं, जिनमें उनके आवेदनों को जांच कर प्रशिक्षण उन्हें व अन्य उपकरण समय से उपलब्ध कराया जा रहा है। -एस सिद्दीकी, उपायुक्त उद्योग