विद्युतनगर (अंबेडकरनगर)। गुरु-शिष्य परंपरा की अमर धारा को संजोए उदासीन ऋषि आश्रमोंं में इस बार भी गुरु पर्व बड़े ही श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया जाएगा। टांडा नगर के प्राचीन उदासीन आश्रम हनुमान मंदिर मीरानपुरा तथा उदासीन आश्रम बड़ा फाटक छज्जापुर में 16 सितंबर को भव्य धार्मिक आयोजन होंगे।
इस दौरान संत समागम, भजन-कीर्तन, भंडारा तथा संतो की विदाई की जाएगी। त्याग और तपस्या की गुरुओं की तपोस्थली टांडा के ये दोनों आश्रम प्रत्येक वर्ष पितृपक्ष के अवसर पर अपने गुरु स्मृति में गुरु पर्व महोत्सव का आयोजन करते हैं। प्राचीन उदासीन आश्रम हनुमान मंदिर मीरानपुरा के महंत दीनदयाल दास ने बताया कि हर साल की भांति इस वर्ष भी देश के अलग-अलग हिस्सों से सैकड़ों शिष्य इन आश्रमों में पहुंचेंगे और अपने गुरुजनों को नमन करेंगे। संत समागम, भजन-कीर्तन, प्रवचन व भंडारे आयोजित होंगे। उदासीन आश्रम बड़ा फाटक छज्जापुर के महंत डाॅ. चंद्र प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि उदासीन एक अद्भुत परंपरा है, जो जगद्गुरु श्रीचंद्र भगवान की ओर से स्थापित की गई थी।