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Ambedkar Nagar News: तोड़े गए घर-दुकानों के पीछे निकली ग्राम सभा की जमीन

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अकबरपुर के बरियावन गांव में विवादित जमीन और उसपर लगाया गया पत्थर। संवाद
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अंबेडकरनगर। अकबरपुर तहसील क्षेत्र के बरियावन गांव में मकान-दुकानों के ध्वस्तीकरण के मामले में राजस्व टीम की जांच में नए तथ्य सामने आ रहे हैं। सड़क से सटी जिस जमीन पर रास्ता बनाने के लिए ध्वस्तीकरण कराया गया था, उसके सामने का करीब आठ बिस्वा हिस्सा ग्राम सभा की जमीन होने की बात सामने आई है। इसके बाद तहसील प्रशासन ने करीब 16 बिस्वा जमीन की पैमाइश कर पत्थर लगा दिए हैं। ग्राम सभा की जमीन पर कब्जे के मामले की भी जांच शुरू कर दी गई है।
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पूरा विवाद गाटा संख्या 469 से जुड़ा है। करीब दो दशक पहले इस जमीन पर काबिज रामउजागिर की मां ने सड़क से सटे सामने के हिस्से में करीब 17 लोगों को स्टांप पेपर पर लिखापढ़ी कर जमीन दी थी। इसके बाद लोगों ने वहां मकान और दुकानें बना लीं। पिछले साल रामउजागिर और उसके भाइयों ने यह जमीन अयोध्या निवासी इंद्रजीत वर्मा को बेच दी। इंद्रजीत वर्मा जमीन के सामने से रास्ता बनवाना चाहता था, जिससे उसकी जमीन की कीमत बढ़ सके। आरोप है कि इसी उद्देश्य से दबंगों और कुछ सफेदपोशों की मदद से बुलडोजर चलवाकर मकान-दुकानों को ढहाया गया।
राजस्व टीम की जांच में अब सामने आया है कि सड़क से सटे हिस्से में लोगों को दी गई जमीन के पीछे करीब आठ बिस्वा जमीन ग्रामसभा की है। इंद्रजीत वर्मा ने जिस जमीन की खरीद की थी, वह ग्रामसभा की जमीन के पीछे स्थित है। पैमाइश के बाद प्रशासन ने मौके पर पत्थर लगाकर जमीन चिह्नित कर दी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि ग्राम सभा की जमीन पर किसी ने कब्जा किया था या नहीं और यदि कब्जा था तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। एसडीएम अकबरपुर प्रतीक्षा सिंह ने बताया कि मामले से जुड़े सभी बिंदुओं की गहन जांच की जा रही है। जांच के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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मकान-दुकानों को हुए नुकसान की भरपाई की मांग
बरियावन बाजार में रविवार रात मकान ढहाए जाने की घटना से प्रभावित लोगों ने प्रशासन से क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत कराने और सामान के नुकसान की भरपाई की मांग की है। विनोद ने बताया कि उनके पिता शोभाराम ने वर्षों पहले मकान बनवाया था। पड़ोसी मकान ढहाए जाने के बाद उनके घर की छत और दीवारों में भी दरारें आ गईं। उन्होंने कहा कि उन्हें लोन दिलाने का आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन उनकी मांग मकान को पहले की तरह तैयार कराने की है। जलालपुर के शरीफपुर निवासी रवींद्र वर्मा ने बताया कि बरियावन बाजार में यूनियन बैंक के पास उनका मकान था, जिसका इस्तेमाल गोदाम के रूप में होता था। ध्वस्तीकरण के दौरान फर्नीचर, दरवाजे-पल्ले और अन्य सामान मलबे में दबकर खराब हो गए। उन्होंने मकान का जीर्णोद्धार कराने के साथ सामान के नुकसान की भरपाई की मांग की है।
पहले जमीन खरीदने वाला ब्रजेश भी आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों में ब्रजेश कुमार वर्मा भी शामिल है। वह इंद्रजीत वर्मा से जमीन खरीदने वाला पहला व्यक्ति था। ब्रजेश ने 25 अक्तूबर 2025 को 111.53 वर्ग मीटर जमीन खरीदी थी। अन्य आरोपियों पर जेसीबी की व्यवस्था कराने और घटनास्थल पर दहशत फैलाने के लिए मौजूद रहने के आरोप हैं।
आपराधिक षड्यंत्र की धारा बढ़ाई
बरियावन की घटना के संबंध में पुलिस ने 21 सितंबर को बलवा, धमकी, जानबूझकर नुकसान पहुंचाने समेत अन्य धाराओं में 50 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। अब विवेचना के दौरान मामले में आपराधिक षड्यंत्र की धारा भी बढ़ाई गई है।
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