रामनगर बीआरसी में प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित शिक्षक-शिक्षिकाएं।
आलापुर (अंबेडकरनगर)। ब्लॉक संसाधन केंद्र रामनगर में एनसीईआरटी और एनएफएल आधारित शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के नौवें चक्र का आयोजन किया जा रहा है। दूसरे दिन बुधवार को शिक्षकों को आज की शिक्षा व्यवस्था की बदलती जरूरतों के अनुरूप तैयार करने पर बल दिया गया।
संदर्भदाता त्रिशूलधारी पांडेय ने कहा कि शिक्षकों को चाहिए कि वे बच्चों को कक्षा में खुलकर बोलने का अवसर दें, उनसे ऐसे प्रश्न पूछें जिनमें सोचने की गुंजाइश हो और समूहों में चर्चा करवा कर उनके दृष्टिकोण को सम्मान दें। संदर्भदाता विनय चतुर्वेदी ने उदाहरण देते हुए समझाया कि ग्रिडिंग की मदद से पाठ योजना को चरणबद्ध रूप से तैयार करना, समय प्रबंधन करना और बच्चों की शैक्षणिक जरूरतों के अनुरूप संसाधनों को समायोजित करना संभव होता है। संदर्भदाता अभिषेक यादव ने बताया कि यह पद्धति उन बच्चों के लिए विशेष रूप से उपयोगी होती है जो किसी विशेष विषय या कौशल में पिछड़ रहे होते हैं। इस दौरान एकता श्रीवास्तव, ममता गुप्ता, नीलम, आशा, अमृता, रूप किशोर विश्वकर्मा सहित कई शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।