जहांगीरगंज (अंबेडकरनगर)। स्वच्छता अभियान के तहत बने कूड़ा एकत्रीकरण केंद्र (आरआरसी सेंटर) के निर्माण से लेकर संचालन में पंचायती राज विभाग के कर्मी से लेकर ग्राम पंचायतें भी रुचि नहीं ले रही हैं। यही नहीं गांवों में घर-घर जाकर कूड़ा एकत्रीकरण के लिए खरीदे गए ई रिक्शा भी शोपीस बने हुए हैं।
विकास खंड जहांगीरगंज की 87 ग्राम पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत लाखों रुपये खर्च कर करीब दो वर्ष पहले आरआरसी सेंटर (रीजनल रिसोर्स सेंटर) का निर्माण कराया गया था। इसके पीछे उद्देश्य था कि शहरों की भांति गांवों में भी डाेर टू डोर कूड़ा कलेक्शन हो और उसे अलग-अलग कर निस्तारण कराया जा सके। इसके लिए हर ग्राम पंचायत में कूड़ा एकत्रित करने के लिए वाहन भी खरीदे गए, लेकिन ज्यादातर गांवों में यह संसाधन महज शोपीस बने हुए हैं।
ग्राम पंचायत बभनपुरा, बिशुनपुर बनकटा, मल्लूपुर मजगवा, खरूअईया, श्यामपुर अलऊपुर असनारा, बिशुनपुर बजदहा, कल्यानपुर, जल्लापुर, कियामपुर जैंती, कोटिया अशरफपुर, वीर खेत, टिकोरिया सगहापुर में आज तक केंद्रों का निर्माण ही नहीं पूरा कराया जा सका है।
देवरिया बुजुर्ग, दुवौली, अहिरौली रानीमऊ,फरीदपुर सबितपुर, ग्राम पंचायत में केंद्र बनने के बाद भी संचालन नहीं हुआ। बताया जाता है कि वाहन चालक की कोई व्यवस्था न होने के कारण डोर टू डोर कलेक्शन नहीं हो पा रहा है। कई बार इसके लिए विभागीय अधिकारियों ने संबंधित सचिव व प्रधानों को नोटिस भी जारी किया, लेकिन हालात में कोई परिवर्तन नहीं आया।
उधर, ग्रामीण निर्माण कार्यों में हुईं अनियमितताओं की भी लगातार शिकायत कर रहे हैं। एडीओ पंचायत योगेंद्र सिंह ने बताया कि सभी एकत्रीकरण केंद्रों का निर्माण कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिन ग्राम पंचायतों में संचालन नहीं हो रहा है, वहां कार्रवाई के साथ प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।