अंबेडकरनगर। संस्थागत प्रसव बढ़ाने पर सरकार का जोर है। इसके लिए जननी सुरक्षा योजना का संचालन किया जा रहा है। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को सरकारी अस्पताल में प्रसव होने पर 1400 रुपये और नगरीय क्षेत्र की महिलाओं को एक हजार रुपये प्रोत्साहन राशि के तौर पर दी जाती है। जिले में 2884 लाभार्थियों को जननी सुरक्षा योजना का लाभ नहीं मिल पाया है।
जननी सुरक्षा योजना के तहत सरकारी अस्पताल में प्रसव के 24 घंटे से 15 दिन के अंदर प्रोत्साहन राशि लाभार्थी के बैंक खाते में भेजे जाने का नियम है। इसके तहत प्रक्रिया संबंधित अस्पताल को ही पूरी करानी होती है। जिले में योजना के क्रियान्वयन में जिम्मेदार लापरवाही कर रहे हैं। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक संस्थागत ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को 1400 व शहरी क्षेत्र में 1000 रुपये का भुगतान किया जाता है।
जिले के सरकारी अस्पतालों में फरवरी तक जहां 20,348 संस्थागत प्रसव हुए हैं, वहीं निजी अस्पतालों में 17,176 प्रसव कराए गए हैं। विभाग ने 17,464 लाभार्थियों को भुगतान किया है, जबकि 2884 लाभार्थियों को आज भी भुगतान का इंतजार है। विभाग की ओर योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा तो खूब होती है, लेकिन उसका कोई लाभ नहीं मिल पाता है। अधिकारियों का भुगतान को लेकर अलग तर्क हैं। फिलहाल यह वित्तीय वर्ष बीतने वाला है और उम्मीद है इसी माह भुगतान हो जाएगा। (संवाद)
दस्तावेजों की कमी है प्रमुख समस्या
प्रसव के बाद भुगतान की प्रक्रिया है। अधिकतर लोगों को इसका लाभ तुरंत मिल जाता है। कई बार लोगों के दस्तावेजों की कमी हो जाती हैं। इसके कारण भुगतान में समय लग जाता है। आधार कार्ड और बैंक में अलग-अलग नाम को लेकर ज्यादा समस्या आ रही है। अब मंत्रा एप आ रहा है, इससे काफी हद तक समस्या का समाधान होगा। भुगतान भी एप पर प्रसव के बाद एप पर डाउनलोड करने के बाद हो सकेगा।
- डॉ. सालिकराम पासवान, प्रभारी सीएमओ