राजेसुल्तानपुर। बिहार के वैशाली जिले में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले राजेसुल्तानपुर के टंडवा देवराम गांव निवासी सुरेश मौर्य का शव शनिवार शाम गांव पहुंचा। शव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। इसके बाद कम्हरिया घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।
ग्रामीणों के अनुसार, सुरेश मौर्य बिहार के वैशाली जिले के दिग्गी पच्चीसकुरवा क्षेत्र में किराये के मकान में रहते थे। वहां हाजीपुर-मुजफ्फरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के पास चौक पर वह मौर्या गैराज के नाम से मोटर गैराज चलाते थे। शुक्रवार शाम वह रोज की तरह गैराज बंद कर साइकिल से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान महुआ मोड़ के निकट तेज रफ्तार काफिले के एस्कॉर्ट वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई की। शनिवार शाम शव गांव पहुंचने पर परिजनों और ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। बाद में कम्हरिया घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। सुरेश मौर्य परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे। उनके निधन के बाद परिवार पर आर्थिक संकट गहरा गया है। परिवार में पत्नी लक्ष्मी, मां भगवान देई और तीन बेटियां आंचल, काजल व रचना हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के इकलौते पुत्र, पिता और दो भाइयों की पहले ही मौत हो चुकी है। अब उनकी मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी को लेकर चिंता बढ़ गई है।