आलापुर (अंबेडकरनगर)। क्षेत्र के मसेना मिर्जापुर स्थित शांति विहार कॉलोनी में चातुर्मास कथा का आयोजन किया जा रहा है। बुधवार को प्रवाचक श्रीनिवास दास वेदांती ने गणेश चतुर्थी के अवसर पर गणेश जी की कथा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि गणेश चतुर्थी केवल उत्सव नहीं, आत्मनिरीक्षण का दिन है। भगवान गणेश विघ्नहर्ता कहलाते हैं क्योंकि वे जीवन की प्रत्येक बाधा को दूर करते हैं। उनकी पूजा से सभी शुभ कार्य सफल होते हैं।
गणेश चतुर्थी पर्व भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है, इस दिन गणपति का जन्म हुआ। माता पार्वती ने स्नान के दौरान अपने शरीर के उबटन से एक बालक की मूर्ति बनाई, जिसे जीवंत कर द्वार पर तैनात किया। जब भगवान शिव आए, तो बालक ने उन्हें भी प्रवेश रोक दिया। क्रोधित होकर शिवजी ने बालक का सिर काट दिया, जिससे पार्वती गहरे दुख में डूब गईं। इस कठिन परिस्थिति को समझते हुए शिव ने उत्तर दिशा से प्रथम जीव का मस्तक मंगवाकर बालक को पुनर्जीवित किया। यह हाथी का सिर कालांतर में गणपति की पहचान बना।