अंबेडकरनगर। ट्रेनों में आरक्षित श्रेणी से लेकर सामान्य श्रेणी का टिकट दिलाने के नाम पर धन उगाही का खेल चल रहा है। ऐसा ही एक मामला रेलवे सुरक्षा बल ने टांडा कोतवाली इलाके में पकड़ा। यहां एक व्यक्ति के पास से करीब 42 हजार रुपये के 20 टिकट बरामद हुए। मामले में आरपीएफ ने केस दर्ज कर जांच शुरू की है।
रेलवे सुरक्षा बल के प्रभारी निरीक्षक जीएस गौतम ने बताया कि मंगलवार को सीआईबी लखनऊ के इंस्पेक्टर चंदन कुमार के साथ टांडा कोतवाली इलाके के हयातगंज बाजार में लाइफ फुट वियर दुकान पर जांच की गई। दुकान संचालक आमिर निवासी नैपुरा अलग-अलग आईडी से रेलवे के टिकट आरक्षित कराता मिला। इन आरक्षित टिकट को 100 रुपये से लेकर पांच सौ रुपये तक अतिरिक्त लेकर लोगों को बेच देता था। आमिर के पास से रेलवे का एजेंट होने के संबंध में भी कोई दस्तावेज नहीं मिला। आमिर अलग-अलग सॉफ्टवेयर के माध्यम से रेलवे की आरक्षित ई-टिकटें बनाता था। उसके लैपटॉप की टीम ने जांच की तो पाया कि आगामी दिनों की पांच आरक्षित टिकटें ली गई हैं, जिनकी कीमत करीब 23 हजार रुपये है।
वहीं पूर्व के दिनों की 15 टिकटों का रिकॉर्ड भी मिला, जिसकी कीमत 19110 रुपये थी। टीम आरोपी आमिर को गिरफ्तार कर आरपीएफ थाने पर लेकर आई। यहां उसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया। हालांकि जमानती धारा होने के चलते उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि रेलवे न्यायालय लखनऊ में आरोप पत्र प्रेषित किया जाएगा।