अंबेडकरनगर। जिले के राजेसुल्तानपुर थाने में गेहूं व धान खरीद में करीब 55 लाख के गबन में दो केंद्र प्रभारियों के विरुद्घ केस दर्ज कराया है। पीसीएफ जिला प्रबंधक की तहरीर पर पुलिस ने दो साधन सहकारी समिति के सचिवों के खिलाफ यह केस दर्ज किया है, जो धान व गेहूं क्रय केंद्र के प्रभारी बनाए गए थे। गड़बड़ी की जांच के बाद सामने आए तथ्यों के अनुरूप तहरीर दी गई।
प्रभारी जिला प्रबंधक पीसीएफ एके शुक्ल ने बताया कि साधन सहकारी समिति सचिव हरेंद्र कुमार पाठक ने वर्ष 2018-19 में 3,31,301 रुपये का गेहूं भारतीय खाद्य निगम को नहीं सौंपा। इसके अलावा इसी वर्ष 2,84,790 रुपये की धान की डिलेवरी चयनित मिल देवधाम को नहीं की गई।
वर्ष 2019-20 में 3 लाख 89 हजार 824 रुपये का गेहूं भारतीय खाद्य निगम को खरीद के बाद नहीं भेजा गया। इसके अलावा सचिव के खाते में छह लाख रुपये की राशि खरीद समाप्त होने के बाद वापस नहीं की गई। इस प्रकार सचिव ने कुल 16 लाख 5 हजार 915 रुपये की राशि बार-बार कहनेे व पत्राचार करने के बावजूद पीसीएफ कार्यालय को उपलब्ध नहीं कराई गई।
प्रभारी जिला प्रबंधक ने बताया कि इसी प्रकार साधन सहकारी समिति परतूपुर के सचिव सुरेंद्रनाथ तिवारी ने वर्ष 2017-18 में 16,59,832 रुपये के धान की खरीद किए जाने के बाद चयनित राइस मिल को धान नहीं दिया गया। वर्ष 2018-19 में 8,00,222 रुपये का गेहूं खरीदकर उसे भारतीय खाद्य निगम को नहीं भेजा। वर्ष 2018-19 में 9,49,479 रुपये का धान खरीदकर उसकी डिलेवरी संबंधित राइस मिल को नहीं की गई।
वर्ष 2019-20 में गेहूं खरीद के बाद 11,91,351 रुपये की राशि पीसीएफ के खाते में वापस नहीं की गई। इस प्रकार सचिव द्वारा 38,80,844 रुपये की राशि में हेराफेरी की गई। कई बार पत्र के बावजूद उनके द्वारा कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई। ऐसे में दोनों सचिव द्वारा कुल 54 लाख 86 हजार 759 रुपये का गबन किया गया।
इसे देखते हुए मंगलवार को प्रबंधक द्वारा दोनों सचिव के खिलाफ सरकारी धन के गबन की धारा में राजेसुल्तानपुर थाने में केस दर्ज कराया गया। एसओ रामलखन पटेल ने बताया कि दोनों सचिव के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। मामले में छानबीन की जा रही है।