अंबेडकरनगर। अयोध्या जिले के जालसाजों ने इब्राहिमुपर निवासी एक व्यक्ति से उनके रिश्तेदारोंं को नौकरी दिलाने के नाम पर 18.70 लाख रुपये ऐंठ लिए। रविवार को कोर्ट के आदेश पर धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
इब्राहिमपुर के नाऊसांडा (केदारनगर) निवासी वृजेंद्र कुमार के मुताबिक उनके पड़ाेसी ने कुछ माह पूर्व उनकी मुलाकात अयोध्या जिले के गंगौली (पाठक का पुरवा) निवासी सुरेंद्र कुमार द्विवेदी और वीरेंद्र कुमार द्विवेदी से कराई थी। दोनोंं ने अपनी जान पहचान उच्च अधिकारियों से होने की बात बताई थी। कहा कि यदि किसी को नौकरी दिलाना होगा तो लगवा दिया जाएगा।
इसके बाद वृजेंद्र दोनों के बहकावे में आ गए और भतीजी शिखा, साले के बेटे नितिन, भतीजे संदीप व भांजी अनुराधा की नौकरी के सिलसिले में मिले। दोनों ने बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर 20 लाख रुपये की मांग की। उन्होंने अपने एचडीएफसी बैंक खाते से 10 दिसंबर 2020 को सुरेंद्र द्विवेदी के लखनऊ के बैंक खाते में 16 लाख 50 हजार रुपये भेज दिए।
उसी दिन 20 हजार रुपये की दूसरी किस्त और दो लाख रुपये आरोपी के हाथ में नकद दिए। इसके बाद बाल विकास पुष्टाहार विभाग का फर्जी नियुक्ति पत्र देकर 15 जनवरी 2021 को विभाग में जाकर जॉइन कराने को कहा था। तय समय पर जब वे पहुंचे, तो अधिकारियों ने नियुक्ति पत्र फर्जी बताकर वापस लौटा दिया। जब आरोपियों से संपर्क किया तो विकास खंड में कोऑर्डिनेटर के पद पर नौकरी दिलवाने का भरोसा दिलाया। काफी समय बीत जाने के बाद रुपये मांगने पर कई तारीख में छह लाख रुपये वापस किए थे। शेष 12 लाख 70 हजार रुपये जल्द वापस देने की बात कही। अब रुपये मांगने पर टाल मटोल कर रहे हैं। थाना प्रभारी रितेश पांडेय ने बताया कि केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।