बसखारी। विकासखंड के केवटला ग्राम पंचायत में परिवार रजिस्टर में कूटरचना कर नाम दर्ज कराने के आरोप में हंसवर पुलिस ने तत्कालीन सचिव, दिवंगत महंत और उनके भतीजे के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
केवटला में बाबा जीता दास आश्रम से जुड़ी करीब 54 बीघा भूमि है। पहले आश्रम का संचालन बाबा जंगी दास के चेले राम निहालदास और बिरागी दास करते थे। दोनों के निधन के बाद रामनिहाल दास के चेले हरिशंकर दास आश्रम का संचालन कर रहे हैं। बिरागी दास का निधन 26 सितंबर 2024 को हुआ था। बिरागी दास के भतीजे संतकबीरनगर के सकरैचा धनघटा निवासी मनीष यादव ने इनके निधन से कूटरचित परिवार रजिस्टर के आधार पर नकल प्राप्त कर ली और स्वयं को बिरागी दास का चेला बताया। इसके बाद इसी फर्जी दस्तावेज के आधार पर टांडा तहसील से निवास प्रमाणपत्र बनवाया। फिर आधार कार्ड में संशोधन कराया गया। पूरे प्रकरण में तत्कालीन पंचायत सचिव अशोक राजभर की मिलीभगत से परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज कराया गया। हंसवर थाना सीओ टांडा शुभम कुमार ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच में सामने आई अनियमितता
मामले का खुलासा तब हुआ जब निवास प्रमाणपत्र जारी करते समय एनआईसी पोर्टल पर परिवार रजिस्टर की नकल संदिग्ध पाई गई। इसके बाद हरिशंकर दास ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी। पुलिस अधीक्षक ने जांच सीओ टांडा को सौंपी। जांच के दौरान एडीओ पंचायत बसखारी उमाशंकर सिंह से रिपोर्ट मांगी गई। रिपोर्ट में तत्कालीन सचिव पर मनमानी और कूटरचना का आरोप लगाया गया। रिपोर्ट आने के बाद भी करीब सात माह तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पीड़ित ने डीएम अनुपम शुक्ल को प्रार्थना पत्र दिया। डीएम के निर्देश पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।