बसखारी। विकास खंड की ग्राम पंचायत जैनुद्दीनपुर में 36 हैंडपंपों के रीबोर के नाम पर तत्कालीन ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव की ओर से फर्जी तरीके से की गई धन निकासी भारी पड़ गई है। न्यायालय के आदेश पर हंसवर थाने में दोनों आरोपियों के विरुद्घ हैंडपंप रीबोर के नाम पर दो लाख रुपये फर्जी तरीके से निकालने के मामले में धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में केस किया गया है। पुलिस ने मामले में छानबीन शुरू कर दी है।
विकास खंड बसखारी के जैनुद्दीनपुर ग्राम पंचायत में वित्तीय वर्ष 2016-17, 17-18 एवं 2019 में हैंडपंप रीबोर का कार्य ग्राम पंचायत के अभिलेखों में दर्ज है। अभिलेख के मुताबिक कुल 36 हैंडपंपों को रीबोर करवाकर लगभग दो लाख रुपये आहरित भी किए गए हैं, जबकि धरातल पर रीबोर का कार्य हुआ ही नहीं है। इस मामले की जानकारी होने पर हंसवर थाना क्षेत्र के जैनुद्दीनपुर निवासी जफर अहमद ने मामले की शिकायत विभागीय अधिकारियों से की।
मामले में जांच के दौरान पाया गया था कि किसी भी हैंडपंप को रीबोर ही नहीं कराया गया है और न ही बिना किसी अधिकृत संस्थान से कोटेशन कराया गया। भुगतान में निजी संस्थान का जो कैश मेमो संलग्न किया गया है। वाणिज्य कर विभाग के मुताबिक उस संस्थान का वर्ष 2016 में ही रजिस्ट्रेशन नंबर समाप्त हो चुका था। जांच के दौरान पांच कैश मेमो पर प्रोपराइटर के हस्ताक्षर ही नहीं थे। इसके बावजूद अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की।
इस पर आवेदक जफर अहमद ने बीती 20 जून को हंसवर थाने में पत्रावली के साथ तत्कालीन ग्राम प्रधान नीतू मौर्या व पंचायत सचिव के खिलाफ प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। बीती 24 जून को पुलिस अधीक्षक को डाक के जरिए प्रार्थना पत्र भेजा। किसी प्रकार की कार्रवाई न होने पर जफर अहमद ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। इस संबंध में थानाध्यक्ष प्रदीप सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर तत्कालीन ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर मामले की जांच की जा रही है। जांच के दौरान आरोप सही पाए जाने पर आरोपियों के खिलाफ अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।