अंबेडकरनगर। टांडा क्षेत्र में पांच वर्ष पूर्व नाली के पानी के बहाव को लेकर दलित परिवार पर हमला करने के मामले में विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट चिंताराम ने चार आरोपियों को दोषी ठहराया।
कोर्ट ने राकेश पुत्र हीरा लाल को पांच वर्ष के कठोर कारावास व दो हजार रुपये अर्थदंड, जबकि संतोष पुत्र हीरा लाल, संजय पुत्र कंचन और लक्ष्मन पुत्र राम जी को दो-दो वर्ष के साधारण कारावास व एक-एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। तीनों को गंभीर चोट पहुंचाने और एक अन्य आरोप से दोषमुक्त कर दिया गया।
घटना 20 जुलाई 2021 की रात करीब 8:30 बजे टांडा के मीरानपुरा में हुई थी। चुन्नीलाल के परिवार का नाली के पानी के बहाव को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद आरोपियों ने घर घेरकर लाठी-डंडों व ईंट से हमला किया। चुन्नीलाल, उनकी पत्नी छोहारा देवी और बेटी सोनम घायल हुए। राकेश पर सोनम की आंख में ईंट मारने का आरोप था, जिससे उसकी बायीं आंख की रोशनी चली गई थी। शिकायत पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई में अभियोजन ने गवाहों और चिकित्सीय साक्ष्य पेश किए। दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद कोर्ट ने सजा सुनाई। (संवाद)