अंबेडकरनगर। जिले में हाल के महीनों में हुई जघन्य घटनाओं और पुलिस की कार्रवाई ने प्रदेश स्तर पर खाकी की किरकिरी कराई है। अब मालीपुर के रूढ़ा धमरुआ गांव में आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्रा की मां इंद्रावती देवी की हत्या और लूट का मामला भी इसी कड़ी में जुड़ गया है। पुलिस की ओर से दी गई सूचनाओं और मृतका के बेटे के बयानों में अंतर से पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
घटना के करीब 36 घंटे बाद आशुतोष मिश्रा को स्वयं सामने आकर सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित फर्जी सूचनाओं का खंडन करना पड़ा। इससे यह सवाल उठा कि पुलिस ने तथ्यों को स्पष्ट क्यों नहीं किया। पीड़ित परिवार को ही सफाई देने के लिए क्यों सामने आना पड़ा। यह स्थिति पुलिस की पारदर्शिता पर संदेह पैदा करती है। अंबेडकरनगर पुलिस पहले भी कई मामलों में सवालों के घेरे में रही है। इन घटनाओं ने पुलिस की विश्वसनीयता को प्रभावित किया है।
इंद्रावती हत्याकांड अब पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। पुलिस को केवल आरोपी तक पहुंचना है, बल्कि जांच की निष्पक्षता भी साबित करनी है। साक्ष्य आधारित और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करना पुलिस के लिए महत्वपूर्ण है। यह मामला एक आईपीएस अधिकारी से जुड़ा है, जिससे इसकी संवेदनशीलता और बढ़ गई है। ऐसे में पुलिस पर किसी भी तरह की चूक से बचने का भारी दबाव है।
पहले मां को बताया हत्यारा, बाद में मिला शव
दो मई 2026 को अकबरपुर के मीरानपुर मुरादाबाद मोहल्ले में एक जघन्य हत्याकांड हुआ था। इसमें शफीक (14), सऊद (12), उमर (10) और बयान (8) उर्फ सादिया की हत्या की गई थी। पुलिस ने शुरुआत में उनकी मां गासिया खातून को ही आरोपी बताया था। बाद में गासिया खातून का शव घर के सामने नाले में करीब 200 मीटर दूर मिला। इसके बाद जांच की दिशा पूरी तरह बदल गई। इस प्रकरण में पुलिस की शुरुआती जांच और उसके दावों पर गंभीर सवाल उठे थे।
गोरखपुर-अंबेडकरनगर एसओजी विवाद
गोरखपुर के एक व्यापारी के अपहरण से जुड़े मामले में भी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठे थे। अंबेडकरनगर और गोरखपुर पुलिस के बीच कार्रवाई को लेकर तनातनी की स्थिति बन गई थी। हालात इतने बिगड़ गए थे कि पिस्तौल तानने की नौबत भी आ गई थी। यह मामला इतना बढ़ा कि एसओजी की भूमिका और कार्यशैली चर्चा का विषय बन गई। दोनों जिलों के पुलिस अधीक्षकों को इसमें हस्तक्षेप करना पड़ा था। एसओजी प्रभारी अजीत पांडेय समेत कई पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर भी किया गया था।