अंबेडकरनगर। मालीपुर के रूढ़ा गांव में आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्रा की मां इंद्रावती की मौत का मामला लगातार सवालों में घिर रहा है। पुलिस के शुरुआती बयान और आईपीएस आशुतोष मिश्रा के दावों में विरोधाभास सामने आया है। सोशल मीडिया पर प्रसारित फोटो में भी मृतका के चेहरे पर चोट के निशान और खून के धब्बे होने का दावा किया जा रहा है।
16 अगस्त की रात पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह ने मृतका के शरीर पर किसी जाहिरी चोट के निशान न मिलने की बात कही थी। इसके विपरीत, आईपीएस आशुतोष मिश्रा ने मंगलवार को मीडिया में मां के चेहरे पर चोट और रक्तस्राव होने का बयान दिया। पुलिस ने घटनास्थल से तुलसी माला के कुछ दाने और एक जेवर का कीलनुमा पीली धातु का टुकड़ा मिलने की बात बताई है। इन वस्तुओं को मृतका के परिजनों को सौंप दिया गया है। हालांकि, यह सवाल उठता है कि क्या इन मिली हुई वस्तुओं की फोरेंसिक जांच कराई गई थी। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस के प्रारंभिक बयान और परिजनों के दावों में अंतर के बीच अब पोस्टमार्टम, फोरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों पर निगाहें टिकी हैं।
मौत की परिस्थितियों पर सवाल
यदि इंद्रावती की मौत हार्ट अटैक से हुई तो उनका शव दूसरे कमरे में क्यों मिला? उनका मोबाइल फोन शव के पास होने के बजाय बाहर वाले बिस्तर पर क्यों रखा था? इंद्रावती के मुंह में कपड़ा कैसे पहुंचा, यह भी एक बड़ा सवाल है। यदि वह खुद कमरे में गई थीं तो अपना मोबाइल बाहर क्यों छोड़ गईं। क्या तबीयत बिगड़ने पर इंद्रावती ने किसी पड़ोसी या बेटे से संपर्क करने की कोशिश की थी? यदि उन्हें हार्ट अटैक आया था तो शरीर की स्थिति सामान्य कैसे रही, यह भी जांच का विषय है। पुलिस को यह भी स्पष्ट करना होगा कि क्या कमरे में संघर्ष या किसी तरह की जोर-जबरदस्ती के कोई निशान मिले हैं। इन सभी सवालों के जवाब का हर किसी को इंतजार है।