अंबेडकरनगर में मंशाराम की हत्या मामले में पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजय प्रताप सिंह समेत तीन लोग दोषी गए। दोषियों को जेल भेज दिया गया है। 24 फरवरी को सजा सुनाई जाएगी। आगे पढ़ें पूरी खबर...
यूपी के अंबेडकरनगर में महरुआ इलाके में हुई मंशाराम की हत्या में एडीजे प्रथम कोर्ट ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख कटेहरी अजय प्रताप सिंह उर्फ अजय सिपाही समेत तीन को दोषी पाया है। तीनों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। सजा पर सुनवाई के लिए 24 फरवरी की तारीख तय की है। इस मामले में एक आरोपी को दोषमुक्त किया गया है।
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सुल्तानपुर जिले के दोस्तपुर थाना क्षेत्र के किशनागरपुर गांव निवासी चंद्रावती ने महरुआ पुलिस को 24 मार्च 2016 को प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें बताया था कि 23 मार्च 2016 को उनके घर सुबह करीब 8.00 बजे गांव के मुलायम यादव व अजय कुमार आए थे।
यह लोग उनके भतीजे मंशाराम को अपने साथ महरुआ स्थित पान की दुकान पर चलने की बात कहकर ले गए थे। दोपहर 12 बजे तक मंशाराम घर नहीं लौटा तो खोजबीन शुरू की गई। महरुआ चौराहे पर पता चला कि तीनों लोग लोकनाथपुर एक दावत में शामिल होने गए हैं।
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बताया कि लोकनाथपुर पहुंचने पर भी तीनों का कुछ पता नहीं चला। इस बीच कुछ लोगों से पता चला कि लोकनाथपुर गांव में गोली चली है। 24 मार्च की सुबह महरुआ इलाके में भेवापार माइनर नहर के पास मंशाराम का शव मिला। पेट में गोली मारकर उसकी हत्या की गई थी।