दहेज लोभियों ने 10 लाख से अधिक कैश लेने के बाद भी महज दो लाख रुपये के लिए ऐन वक्त पर बारात लाने से इन्कार कर दिया। इससे शादी की तैयारियों में जुटे लड़की के परिवारीजन सन्न रह गए। आनन-फानन में वर पक्ष के घर पहुंचकर मान-मनुहार का प्रयास किया लेकिन वे सब बारात लाने को तैयार नहीं हुए। आहत कन्या पक्ष की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया है।
कोतवाली क्षेत्र अकबरपुर के शहजादपुर निवासी इंद्रदेव उर्फ बुद्घू सेठ राम जानकी मंदिर से थोड़ा पहले सराफे की दुकान करते हैं। वह अपनी पुत्री प्रतिभा श्रीमाली (21) के विवाह की तैयारियों में लगे थे कि इसी बीच 10 मई को दिन में उन्हें सूचना मिली कि वर पक्ष के लोग बारात लेकर नहीं आ रहे हैं।
इंद्रदेव ने प्रतिभा का विवाह मऊ जनपद के ताजोपुर निवासी रामकृपाल श्रीमाली के पुत्र डॉ. मनीष के साथ तय किया था। 11 मई को बारात आनी थी। कन्या पक्ष के सभी रिश्तेदार पहुंच गए थे। तैयारियां अंतिम चरण में थीं कि इसी बीच उनके एक रिश्तेदार ने यह सूचना दी। वे सब भागकर इसके बाद मऊ गए। वहां तमाम मान-मनुहार के बाद भी वर पक्ष के लोग बारात लाने को तैयार नहीं हुए।
कुछ रिश्तेदारों ने भी हस्तक्षेप का प्रयास किया। इसके चलते उन्हें उम्मीद थी कि पूर्व में हुए रस्म-रिवाज की लाज रखते हुए वर पक्ष के लोग गुरुवार को बारात जरूर लेकर आएंगे। हालांकि गुरुवार को सुबह फिर से सूचना मिली कि बारात नहीं आ रही। इसके बाद लड़की के पिता इंद्रदेव अन्य परिवारीजनों के साथ कोतवाली पहुंचे।
वहां उन्होंने दहेज के लिए बारात न लाने की तहरीर देते हुए कहा कि मामले में केस दर्ज कर कार्रवाई तय की जाए। तहरीर के आधार पर बाद में पुलिस ने केस दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी। कोतवाल रामलखन पटेल ने बताया कि केस दर्ज किया जा रहा है। समुचित कार्रवाई की जाएगी।
तहरीर के जरिये बताया गया है कि वर पक्ष के लोगों ने दहेज के रूप में 10 लाख 51 हजार रुपये के अलावा बड़ी मात्रा में कपड़ा, चांदी के सिक्के व बर्तन, कई साड़ी समेत लगभग ढाई लाख का सामान वरीक्षा में लिया था।
उनके कहने पर ही वर पक्ष के लिए विवाह में प्रयुक्त होने वाली रोडलाइट, वीडियोग्राफी, आतिशबाजी व होटल आदि भी बुक करा दिया था। इसके बाद भी वे सब मऊ में ही हुए वरीक्षा में खर्च लगभग ढाई लाख रुपए की मांग अचानक शुरू कर दी। वर पक्ष का कहना था कि यह रकम उन्हें देनी चाहिए। वे सब इस पर तैयार हुए थे लेकिन इस रकम के अलावा बाद में चार पहिया वाहन की भी मांग जोड़ दी गई।