अंबेडकरनगर। हंसवर थाना अंतर्गत सेमउर खानपुर गांव में शनिवार रात एक ही परिवार के आठ सदस्य फूड प्वॉइजनिंग के शिकार हो गए। रविवार सुबह सभी को बेहोशी की दशा में सीएचसी बसखारी ले जाया गया। हालत की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां एक की दशा गंभीर बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार रविवार सुबह गांव निवासी प्रमोद के घर का दरवाजा नहीं खुला, तो पड़ोसियों को चिंता सताने लगी। एक पड़ोसी ने इस पर जाकर दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से किसी प्रकार का जवाब नहीं मिला। इस पर किसी अनहोनी की आशंका होने लगी। धीरे-धीरे आसपास के अन्य ग्रामीण भी मौके पर एकत्र हो गए। जब कई बार दरवाजा खटखटाने पर भी अंदर से कोई जवाब नहीं मिला, तो ग्रामीणों ने किसी प्रकार दरवाजा खोला।
अंदर गए, तो वहां का दृश्य देखकर सन्न रह गए। प्रमोद (26) पुत्र जैसराज, उत्कर्ष (6) पुत्र प्रमोद, अंश (5) पुत्र प्रमोद, नीलम (24) पत्नी प्रमोद, निशा (22) पुत्री जैसराज, जैसराज (42) पुत्र रामकिशोर, कुमारी (35) पत्नी जैसराज व मुंगरा देवी (80) पत्नी रामकिशोर बेहोश पड़े हुए थे। ग्रामीणों ने उन्हें उठाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं उठे। इस पर आननफानन सभी को निजी वाहन से ग्रामीण लेकर सीएचसी बसखारी पहुंचे। हालत की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद सभी को जिला अस्पताल भेज दिया गया।
जिला अस्पताल में इलाज के बाद होश में आए प्रमोद ने बताया कि शनिवार रात उसने व परिवार के सदस्यों ने साग रोटी खाया था। खाना खाने के कुछ देर बाद ही उनकी तबियत खराब होने लगी। एक एक कर परिवार के सभी सदस्यों को उल्टी दोने लगी। इससे पहले कि घर से बाहर निकलकर ग्रामीणों को जानकारी देते वे सभी बेहोश हो गए। इसके बाद खुद को जिला अस्पताल में पाया। उधर अस्पताल में इलाज के बाद सभी होश में तो आ गए, लेकिन वृद्धा की तबियत गंभीर बनी हुई है।