फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ambedkar Nagar News: भक्ति और धर्म के मार्ग पर चलना ही है सुख और समृद्धि की कुंजी

विज्ञापन
प्रवाचक आचार्य संतोष द्विवेदी
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। महरुआ के आदमपुर तिंदौली में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। प्रवाचक आचार्य सतोष द्विवेदी ने राजा परीक्षित के जीवन और ब्राह्मण श्राप के प्रसंग का मंचन किया। प्रवाचक ने कहा कि मनुष्य से गलती होना कोई बड़ी बात नहीं, लेकिन समय रहते उसका सुधार और प्रायश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो वही गलती पाप की श्रेणी में आ जाती है।
विज्ञापन

भागवत कथा जीवन में नैतिक शिक्षा, प्रेम और करुणा का महत्व समझाती है। भगवान की भक्ति जीवन में न केवल कठिनाइयों का समाधान देती है, बल्कि आत्मा को सशक्त और उन्नत भी बनाती है।पांडवों और राजा परीक्षित के जीवन में श्रीकृष्ण की कृपा को भी प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि कलियुग के प्रभाव के कारण परीक्षित ऋषि से श्रापित हो जाते हैं, लेकिन पश्चाताप और भक्ति के मार्ग पर चलकर वे शुकदेव के पास शरण लेते हैं। भक्ति एक ऐसा उत्तम निवेश है, जो जीवन में परेशानियों का समाधान देती है और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग भी प्रशस्त करती है। जीवन में भक्ति और धर्म के मार्ग पर चलना ही सच्चे सुख और समृद्धि की कुंजी है। प्रवाचक ने कहा कि कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन का मार्गदर्शन है। कथा सुनने से व्यक्ति में धर्म और अधर्म के बीच अंतर स्पष्ट होता है और उसका जीवन नैतिकता, विवेक और भक्ति के मार्ग पर सुदृढ़ होता है।इस दौरान मुख्य यजमान डॉ. वीरंद्र चतुर्वेदी, विजयलक्ष्मी, अश्वनी, विवेक, मयंक, शिवकुमार सिंह, रमाशंकर सिंह, बद्री प्रसाद सिंह, धनीराम गुप्ता, महेंद्र यादव व अन्य उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें