फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मॉरीशस में रामलीला के विभिन्न पात्रों का किरदार निभाएगी %प्रकृति%

विज्ञापन
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। लोक गायिकी के क्षेत्र में बुलंदी छू रही जिले की बेटी डॉ. प्रतिमा यादव की छोटी बहन प्रकृति यादव ने भी जिले का मान बढ़ाया है। बहन से प्रेरित होकर लोकगायिकी को अपना कैरियर चुनने वाली प्रकृति यादव को लम्बे व कठिन प्रशिक्षण के बाद मॉरीशस में भगवान श्रीराम के जीवन पर आयोजित रामलीला में विभिन्न किरदार निभाने का अवसर मिला है। मंगलवार को प्रकृति दिल्ली से मॉरीशस के लिए रवाना होगी। उनकी इस सफलता पर परिजनों व शुभचिंतकों ने खुशी का इजहार किया है। वहीं डॉ. प्रतिमा यादव भगवान श्रीकृष्ण के जन्माष्टमी मौके पर मथुरा में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी।
विज्ञापन

भगवान श्रीराम के आदर्शों से पूरी दुनिया प्रेरणा लेती है। हम भगवान राम के जीवन से प्रेरणा लेकर अपने कष्टों का निर्वारण आसानी से कर सकते हैं। भगवान राम के प्रत्येक स्वरूप से कुछ न कुछ सीखने को जरूर मिलता है। भगवान राम के जीवन के बारे में जो भी अध्ययन करता है, वह उन्हीं का होकर रह जाता है। भगवान राम की लीलाओं का वर्णन सिर्फ भारत देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी है। आगामी दिनों में मॉरीशस के विभिन्न शहरों में रामलीला का मंचन होगा।
इसके लिए अयोध्या शोध संस्थान पहले से ही तैयारी कर रहा था। बेहतर कलाकारों को मॉरीशस भेजने के लिए संस्थान करीब डेढ़ माह से विशेष प्रशिक्षण कैंप चला रहा था। इसमें अंबेडकरनगर जिले की बेटी प्रकृति यादव को भी शामिल होने का मौका मिला था। प्रशिक्षण कैंप पूर्ण होने पर प्रकृति को अब मॉरीशस में अपनी कला का प्रदर्शन करने का भी सौभाग्य मिला है। प्रकृति की इस सफलता पर परिजनों व शुभचिंतकों ने खुशी का इजहार किया है।
विज्ञापन

लोकगायिका व बड़ी बहन डॉ. प्रतिमा यादव ने बताया कि मंगलवार 20 अगस्त को प्रकृति 15 सदस्यीय दल के साथ दिल्ली से मॉरीशस के लिए रवाना होगी। प्रकृति इसके पहले अयोध्या शोध संस्थान, संस्कृति सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के तहत भी काम कर चुकी हैं। बताया कि प्रकृति जहां मॉरीशस में रामलीला के विभिन्न पात्रों का किरदार निभाएगी, वहीं वह भी मथुरा में आयोजित तीन दिवसीय कृष्ण जन्मोत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगी। उन्होंने अन्य युवाओं से भी कला के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया। कहा कि कला का क्षेत्र काफी वृहद है, और इसमें बेहतर कैरियर की संभावनाएं भी बहुत है। ऐसे में युवाओं को अच्छी शिक्षा के साथ साथ अपनी लोक कलाओं पर भी ध्यान देना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें