अंबेडकरनगर के टांडा में शनिवार को उफनाती सरयू।
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पहाड़ों पर हो रही बारिश व नेपाल द्वारा छोड़े गए पानी से सरयू नदी उफान पर है। शनिवार को नदी का जलस्तर खतरे के लाल निशान 92.430 मीटर के सापेक्ष 91.825 मीटर दर्ज किया गया। दो दिनों से नदी के जलस्तर में हो रहे उतार-चढ़ाव से तटीय क्षेत्रों के लोग चिंतित हैं। उन्होंने समय रहते आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग प्रशासन से की है।
उधर, बाढ़ से निपटने के लिए अब तक न तो क्षतिग्रस्त ठोकर ठीक कराए गए और न ही एकमात्र मोटरबोट। सरयू नदी के जलस्तर में पांच दिनों से उतार-चढ़ाव का क्रम जारी है। पहाड़ों पर हो रही बारिश व नेपाल द्वारा छोड़े गए पानी से नदी उफान पर है। जलस्तर लगातार खतरे के लाल निशान 92.730 मीटर को छूने के लिए आतुर है।
गुरुवार को जलस्तर 92.01 मीटर तक पहुंच गया था। हालांकि इसके बाद जलस्तर में कमी हो रही है। शुक्रवार को सुबह आठ बजे 91.950 मीटर व शाम चार बजे जलस्तर 91.550 मीटर दर्ज किया गया था। शनिवार शाम चार बजे जलस्तर 91.825 मीटर दर्ज किया गया जो कि शुक्रवार के जलस्तर के सापेक्ष मामूली वृद्धि है।
जलस्तर के लगातार उतार-चढ़ाव के चलते निकटवर्ती क्षेत्रों माझा उलटहवा, माझा चिंतौरा, माझा अवसानपुर समेत एक दर्जन से अधिक गांवों के लोगों में दहशत का माहौल है। उनका कहना है कि यदि समय रहते उन्हें आवश्यक सुविधाएं नहीं उपलब्ध कराई गई तो आने वाले समय में उनके समक्ष समस्याएं खड़ी हो सकती हैं।
उधर, बाढ़ से निपटने के लिए संबंधित अधिकारी दावे तो बढ़-चढ़कर कर रहे हैं लेकिन गंभीरता नहीं दिख रही है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कटान रोकने के लिए क्षतिग्रस्त ठोकरों को दुरुस्त नहीं कराया जा सका है जबकि लंबे समय से खराब पड़ी एकमात्र मोटरबोट भी दुरुस्त नहीं कराई जा सकी।