बाढ़ के पानी से होकर निकलते ग्रामीण।
राजेसुल्तानपुर (अंबेडकरनगर)। सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सोमवार को पानी छह सेमी. और बढ़ गया। इसके चलते बाढ़ के पानी से घिरे माझा इलाके के सात गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई। इन गांवों में पानी घुसने के खतरे से ग्रामीण परेशान हैं। दूसरी तरफ पटपरवा व कुर्मी प्रसाद का पूरा गांव के मार्ग पर दो-दो फीट पानी भरा होने से आवागमन मुश्किल हो गया है।
सूरयू के जलस्तर में एक हफ्ते से लगातार वृद्धि हो रही है। नदी का जलस्तर सोमवार को छह सेमी. बढ़कर 85.28 मीटर पर पहुंच गया। रविवार की शाम पानी 85.22 मीटर तक था। जलस्तर में लगातार वृद्धि के चलते माझा कम्हरिया व अराजी देवारा ग्राम पंचायत के कल्लू का पूरा, करिया लोनिया का पूरा, हंसू का पूरा, कुर्मी प्रसाद का पूरा, सिद्धनाथ, पटपरवा और निषाद बस्ती लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है।
ये गांव दो-तीन दिन से बाढ़ के पानी से घिरे है। ग्रामीणों की चिंता आबादी के अंदर पानी घुसने की आशंका से बढ़ रही है। उनका कहना है कि नदी का जलस्तर बढ़ने की रफ्तार को देखते हुए जल्द ही गांवों में पानी घुस जाएगा। ऐसे में उन्हें सुरक्षित स्थान की तलाश करनी पड़ेगी।
इसके अलावा पटपरवा व कुर्मी प्रसाद का पूरा गांव के मार्ग पर करीब दो फीट भरा है। इससे ग्रामीणों को बाहर निकलने में मुश्किल हो रही है। सबसे ज्यादा परेशानी प्राथमिक विद्यालय अराजी देवारा जाने वाले छात्र-छात्राओं को हो रही है। सोमवार को भी छात्र-छात्राओं को पानी से होकर गुजरना पड़ा।
100 बीघा खेत हुए जलमग्न
नदी में उफान से पानी लगातार खेतों को तरफ बढ़ रहा है। बाढ़ से घिरे गांवों के करीब 100 बीघा खेत पूरी तरह जलमग्र होने से ग्रामीणों के सामने अपने मवेशियों के लिए चारे का इंतजाम करना मुश्किल हो गया है। आलापुर के एसडीएम सौरभ शुक्ला ने बताया कि जलस्तर पर निगाह रखी जा रही है। ग्रामीणों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।