इनमें पांच हजार 440 महिलाओं के खाते में अब तक ई पेमेंट से धनराशि नहीं पहुंच सकी है। इसकी कारण संबंधित महिलाओं का बैंक में खाता न खुलवाना बताया जा रहा है।
जननी सुरक्षा योजना के तहत घरेलू प्रसव पर महिलाओं को 500 रुपये, शहरी क्षेत्र स्थित अस्पतालों में प्रसव कराने वाली महिलाओं को एक हजार रुपये व ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों में प्रसव कराने वाली महिलाओं को 14 सौ रुपये दिए जाने की व्यवस्था है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2015-16 में 27 हजार 369 प्रसव लक्ष्य के सापेक्ष अक्तूबर माह तक 13 हजार 679 प्रसव कराए गए। इनमें 5 हजार 440 महिलाओं के खाते में अब तक धनराशि नहीं पहुंची सकी।
इसमें अकबरपुर ब्लॉक में 713, टांडा में 348, भीटी में 431, कटेहरी में 321, भियांव में 209, जलालपुर में 1137, बसखारी में 748, रामनगर में 520, जहांगीरगंज 439, जिला अस्पताल में 571 व बसखारी में बीपीएल परिवार के तीन पात्रों के खाते में धनराशि नहीं पहुंची।
इनमें अधिकांश महिलाओं ने बैंक में खाता नहीं खुलवाया। स्वास्थ्य महकमा इन महिलाओं को खाते खोलने के लिए प्रेरित करने का कोई अभियान तक नहीं शुरू कर पाया है। इसके चलते करीब पांच हजार महिलाएं प्रसव के बाद भी लाभ से वंचित हैं।
जिला कार्यक्रम प्रबंधक अजय सिंह ने बताया कि ई पेमेंट के जरिए भुगतान के लिए संबंधित महिलाओं ने अब तक खाता नंबर विभाग को नहीं उपलब्ध कराया है। इसी के चलते उनके खाते में धनराशि नहीं उपलब्ध कराई जा सकी है।