अंबेडकरनगर। वित्तीय वर्ष समाप्त हुए दो माह से अधिक का समय बीत गया, लेकिन अब तक जननी सुरक्षा योजना के तहत 4799 प्रसूताओं को आर्थिक सहायता नहीं मिल सकी है। इसके लिए वे संबंधित सरकारी अस्पताल से लेकर सीएमओ कार्यालय तक के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन अब तक योजना का लाभ नहीं मिल सका है। नतीजा यह है कि संबंधित प्रसूताओं को विभिन्न प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
केंद्र सरकार द्वारा संचालित जननी सुरक्षा योजना के तहत सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने वाली महिलाओं को पोषण राशि उनके खाते में भेजी जाती है। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र की प्रसूताओं को 1400 रुपये, जबकि शहरी क्षेत्र की प्रसूताओं को एक हजार रुपये दिए जाते हैं। इसके साथ ही संबंधित क्षेत्र की आशा बहुओं को योजना के तहत प्रोत्साहन राशि दी जाती है। ग्रामीण क्षेत्र की आशा बहुओं को 600 रुपये, जबकि शहरी क्षेत्र की आशा बहुओं को 400 रुपये की प्रसोत्साहन राशि दी जाती है। सीएमओ कार्यालय के अनुसार वर्ष 2021-22 में जिला अस्पताल के अलावा सीएचसी व पीएचसी पर कुल 22 हजार 900 प्रसव हुए थे। इनकी तुलना में 18 हजार 101 प्रसूताओं को योजना के तहत पोषण राशि उपलब्ध करा दी गई। चार हजार 799 प्रसूताओं को योजना का लाभ अब तक नहीं मिल सका है।
इस बीच वित्तीय वर्ष समाप्त हुए दो माह से अधिक का समय हो चुका है, लेकिन अब तक सभी प्रसूताओं को पोषण राशि नहीं मिल सकी है। राशि के लिए प्रसूताएं संबंधित सरकारी अस्पताल से लेकर सीएमओ कार्यालय तक का चक्कर लगा रही हैं, लेकिन अब तक उन्हें राशि उपलब्ध नहीं हो सकी है। इससे संबंधित प्रसूताओं में नाराजगी भी व्याप्त है। प्रसूता के परिवार से जुड़े जलालपुर वीरेंद्र चौहान कहते हैं कि एक तरफ मिशन शक्ति अभियान चलाया जा रहा है तो दूसरी तरफ महिलाओं से जुड़ी योजनाओं में भुगतान उपलब्ध नहीं हो पा रहा। यह स्थिति ठीक नहीं है।
टांडा की कुलसुम ने कहा कि जननी सुरक्षा योजना अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। उम्मीद थी कि जल्द ही भुगतान हो जायेगा, लेकिन अब तक भुगतान न हो पाना चिंताजनक है। कई अन्य प्रसूताओं ने कहा कि विभागीय लापरवाही के कारण ही समय से भुगतान नहीं हो पाता है। शासन स्तर से जरूरी संपर्क कर बजट आदि का प्रबंध सुनिश्चित करना चाहिए। रकम भी कोई बड़ी नहीं दी जाती है। इसके बावजूद भुगतान लंबित रखना ठीक नहीं है। उधर योजना के जिला कार्यक्रम प्रबंधक अनिल मिश्र ने बताया कि पोर्टल में कुछ बदलाव होने के चलते शेष रह गईं प्रसूताओं के खाते में राशि नहीं भेजी जा सकी थी। शीघ्र ही योजना के तहत खाते में राशि भेज दी जाएगी।