पंडित राम शब्द स्मृति पीजी कॉलेज बिशुनपुर वजदहा में सम्मानित किए गए बच्चे व अतिथि। स्रोत कॉलेज
राजेसुल्तानपुर। शिक्षक राष्ट्रनिर्माण की नींव रखने के साथ सामाजिक परिवर्तन और नैतिक मूल्यों के संवाहक भी हैं। उनके व्यक्तित्व और कृतित्व से प्रेरणा लेकर विद्यार्थी ही नहीं, पूरा समाज नैतिक मूल्यों को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ता है। यह बातें आजमगढ़ के अपर जिला जज बालाकृष्णन एन रंजन ने रविवार शाम पंडित रामशब्द स्मृति पीजी कॉलेज, बिशुनपुर बजदहा में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक एवं मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह में कहीं।
एकेडमिक रिसर्च सोसाइटी उत्तर प्रदेश की ओर से आयोजित समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पांच शिक्षकों को आचार्य नरेंद्रदेव शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया गया। सम्मान पाने वालों में प्रयागराज के शिक्षाविद डॉ. संतोष कुमार शुक्ल, प्रधानाचार्य दुर्ग विजय सिंह, प्रधानाचार्य अमित कुमार मिश्र, शिक्षिका एवं उद्घोषिका डॉ. प्रियंका तिवारी और रक्तदाता नीलेश यादव शामिल रहे।
समारोह में 363 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को मेडल, मोमेंटो और प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं, 13 मेधावी विद्यार्थियों को लगातार दो वर्षों तक प्रतिमाह एक हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की गई। अति विशिष्ट अतिथि सीडीओ आनंद कुमार शुक्ल और जिला सैनिक कल्याण अधिकारी सेवानिवृत्त कर्नल बीके शुक्ल ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। कानपुर विश्वविद्यालय के रक्षा अध्ययन विभागाध्यक्ष डॉ. राम तिवारी और मॉरिशस स्थित अंतरराष्ट्रीय रामायण सेंटर के पूर्व प्रधान आचार्य राजेश पांडेय ने भी विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम का संयोजन सोसाइटी के जिलाध्यक्ष डॉ. उदयराज मिश्र और महामंत्री मनीष मिश्र ने किया। इस दौरान पूर्व विधायक अनीता कमल, संगीत नाटक अकादमी की सदस्य उपमा पांडेय और भूमि विकास बैंक के निदेशक यमुना प्रसाद चतुर्वेदी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।