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Ambedkar Nagar News: सरयू ने पार किया खतरे का निशान, चार मजरे पानी से घिरे

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राजेसुल्तानपुर के कम्हरिया घाट के निकट बढ़ता सरयू नदी का जलस्तर। संवाद
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राजेसुल्तानपुर। सरयू नदी का जलस्तर सोमवार को खतरे के निशान को पार कर गया। राजेसुल्तानपुर में नदी का जलस्तर 85.52 मीटर से बढ़कर 85.58 मीटर पहुंच गया। खतरे का निशान 85.56 मीटर है। ऐसे में नदी का पानी खतरे के निशान से दो सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। जलस्तर बढ़ने से मांझा कम्हरिया और आराजी देवारा क्षेत्र के चार मजरों के करीब बाढ़ का पानी पहुंच गया है। कम्हरिया घाट के किनारे स्थित धर्मशाला में भी पानी घुस गया है।
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ग्रामीणों के मुताबिक जलस्तर बढ़ने से धान की फसल डूबने लगी है। गन्ने के खेतों में भी पानी जमा होने लगा है। आराजी देवारा के हंसू का पूरा निवासी धर्मेंद्र और मांझा कम्हरिया निवासी राजेश ने बताया कि नदी का पानी लगातार बढ़ रहा है। यदि इसी तरह जलस्तर बढ़ता रहा तो मांझा क्षेत्र में स्थिति गंभीर हो सकती है।
बाढ़ की आशंका को देखते हुए तहसील प्रशासन ने बरोही पांडेय का पूरा स्थित बाढ़ शरणालय सक्रिय कर दिया है। आलापुर तहसील क्षेत्र में स्थापित आठ बाढ़ चौकियों को भी सक्रिय किया गया है। मांझा क्षेत्र में चार सरकारी और सात निजी नाव लगाई गई हैं। इसके अलावा 30 गोताखोरों की तैनाती की गई है। राजस्व टीमों को बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी में लगाया गया है। तहसीलदार पद्मेश श्रीवास्तव ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ा है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
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टांडा में भी खेतों तक पहुंचा बाढ़ का पानी
विद्युतनगर। टांडा तहसील क्षेत्र के उल्टहवा माझा, अवसानपुर, केवटला, डुहियां, महरीपुर माझा कला, माझा चिंतौरा, नैपुरा, सलोनाघाट और ढेलमऊ समेत एक दर्जन से अधिक गांवों पर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। उल्टहवा माझा के प्रधान शिवप्रसाद ने बताया कि जलस्तर बढ़ने से जालिम का पूरा, दिलशेन का पूरा और बाबूराम का पूरा की खेती में पानी पहुंचने लगा है। पानी बढ़ने का सिलसिला जारी रहा तो आने वाले दिनों में स्थिति गंभीर हो सकती है।
नगर पालिका परिषद टांडा के वार्ड नंबर एक नेहरूनगर के सभासद मन्नू कन्नौजिया ने बताया कि पानी मेहनिया और बिछावट के करीब पहुंच गया है। बिछावट के पास स्थित शिव मंदिर भी बाढ़ के पानी की चपेट में आ गया है। मुबारकपुर निवासी संदीप माझी ने बताया कि नदी का पानी बढ़ने के साथ ग्रामीणों को चिंता सताने लगी हैं। बाढ़ के पानी से थिरुआ नाला भी उफान पर है। इससे 100 बीघे से अधिक फसल डूब गई है। एसडीएम संजीव सिंह ने बताया कि लेखपालों को नदी के जलस्तर की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। नाव और नाविकों को भी अलर्ट कर दिया गया है।
टांडा और आलापुर में निगरानी बढ़ाई : डीएम
डीएम ईशा प्रिया ने बताया कि राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, पशुपालन और पंचायतीराज समेत संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ पूरी तत्परता से काम करने के निर्देश दिए गए हैं। राहत और बचाव के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं तैयार रखने को कहा गया है। उन्होंने तटवर्ती और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की। नदी, नालों, घाटों, पुलों और जलभराव वाले स्थानों से दूर रहने तथा बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने को कहा। आपात स्थिति में तत्काल जिला आपदा कंट्रोल रूम को सूचना देने की अपील की गई है।

राजेसुल्तानपुर के कम्हरिया घाट के निकट बढ़ता सरयू नदी का जलस्तर। संवाद

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