अंबेडकरनगर जिला अस्पताल में एक ही बेड पर फूड पॉइजनिंग से पीड़ित दो महिलाएं भर्ती।
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थाना क्षेत्र बेवाना अंतर्गत हरदोपुर गांव में गुरुवार देर रात एक ही परिवार के पांच सदस्य फूड पॉइजनिंग के शिकार हो गए। इससे ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। आननफानन में सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, इनमें से दो की हालत गंभीर बनी हुई है। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही का मामला भी सामने आया।
भीषण गर्मी के बीच एक ही बेड पर दो महिलाओं का उपचार किया गया। हरदोपुर गांव निवासी घनश्याम के परिवार में किसी की तबियत शुक्रवार भोर में खराब हो गई थी। इसमें मदद के लिए घनश्याम की पुत्री गीता बगल स्थित सुरेंद्र के घर के सदस्यों को बुलाने गई। काफी देर तक आवाज देने के बाद भी कोई सदस्य जब नहीं जागा तो उसे किसी अनहोनी की आशंका हुई।
गीता ने तत्काल यह बात अपने घर पहुंचकर बताई। इस पर घनश्याम ने पड़ोस के घरों में सो रहे लोगों को जगाया व मामले की जानकारी दी। इस पर देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए। अन्य ग्रामीणों ने भी सुरेंद्र व उसके परिवार के सदस्यों को जगाने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। सभी बेहोश पड़े हुए थे।
यह देख मौके पर हड़कंप मच गया। आननफानन में बेहोश पांचों सदस्यों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के बाद परिवार के तीन सदस्यों को तो होश आ गया लेकिन दो सदस्यों को समाचार प्रेषण तक होश नहीं आ सका था।
होश में आए सुरेंद्र (45) पुत्र हरीराम, संजीत (17) पुत्र सुरेंद्र व हरीराम (70) पुत्र झपसी ने बताया कि गुरुवार रात खाना खाकर सभी सो गए। इसके बाद क्या हुआ, याद नहीं। परिवार की सदस्य नोहरा (68) पत्नी हरीराम व मीरा (40) पत्नी सुरेंद्र को होश नहीं आ सका था। चिकित्सक डॉ. नंदलाल ने बताया कि फूड पॉइजनिंग के चलते परिवार के सदस्य बीमार पड़ें हैं।
तीन सदस्यों की हालत में तेजी से सुधार हो रहा है लेकिन दो सदस्यों की हालत गंभीर बनी हुई है। माना जा रहा है कि रात में बने खाने में ही कोई गड़बड़ी हो गई थी जिसके चलते यह घटना हुई। उधर, जिला अस्पताल में इलाज के दौरान चिकित्सकों की लापरवाही का मामला भी सामने आया। एक ही बेड पर दो पीड़ित महिलाओं का उपचार किया गया।