विधानसभा चुनाव में हुए नामांकन की जांच के बाद पांच प्रत्याशियों के पर्चे खारिज कर दिए गए। विभिन्न गड़बड़ियों के चलते इन प्रत्याशियों के पर्चे खारिज होने से अब पांच विधानसभा सीट के लिए कुल 54 प्रत्याशी चुनाव मैदान में शेष हैं। इस बीच 13 फरवरी को नामांकन पत्रों की वापसी का मौका मिलेगा। माना जा रहा है कि इसमें कई प्रत्याशी अपना नाम वापस ले सकते हैं।
गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव की पांच सीट अकबरपुर, जलालपुर, टांडा, कटेरही व आलापुर के लिए 2 फरवरी से नामांकन की प्रक्रिया कलेक्ट्रेट में शुुरू हुई थी। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 9 फरवरी तक कुल 59 प्रत्याशियों ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में नामांकन पत्रों की जांच की प्रक्रिया अपनायी गई।
अलग-अलग जिन पांच कक्षों में प्रत्याशियों ने अपने नाम निर्देशन पत्र जमा किए थे, उन्हीं कक्षों में शुक्रवार को जांच का भी दौर चला। लगभग सभी प्रत्याशियों व उनके प्रतिनिधियों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए कलेक्ट्रेट में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। सुरक्षा का जिम्मा सीओ सिटी राघवेंद्र मिश्र ने स्वयं संभाल रखा था।
कई थानों की फोर्स के साथ अर्धसैनिक बल के जवान कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर व बाहर तैनात थे। पुलिस सिर्फ पात्र लोगों को ही कलेक्ट्रेट के भीतर प्रवेश करने का मौका दे रही थी। नामांकन पत्रों की जांच प्रक्रिया दोपहर तक पूरी हुई तो टांडा विधानसभा क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय अपना दल से नामांकन पत्र दाखिल करने वाले यदुनाथ उपाध्याय व निर्दल प्रत्याशी फतेहबहादुर का नामांकन पत्र विभिन्न गड़बड़ी में खारिज कर दिया गया।
अकबरपुर विधानसभा क्षेत्र से भारतीय रिपब्लिकन पार्टी प्रत्याशी के तौर पर नामांकन पत्र दाखिल करने वाले खेलई, निर्दल प्रत्याशी श्यामबहादुर व कृष्ण कुमार का भी पर्चा गड़बड़ी के चलते खारिज हो गया। तीन अन्य विधानसभा क्षेत्रों कटेहरी, जलालपुर व आलापुर में सभी प्रत्याशियों के पर्चे वैध पाए गए।
टांडा व अकबरपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए नामांकन करने वाले बशंच प्रत्याशियों का पर्चा खारिज होने के बाद अब सभी पांच विधानसभा क्षेत्र के लिए कुल 54 प्रत्याशी चुनाव मैदान में शेष बचे हैं। 13 फरवरी को अब प्रत्याशियों के लिए नाम वापसी का मौका है।
माना जा रहा है कि इसमें कई प्रत्याशी अपना नामांकन पत्र वापस ले सकते हैं। ऐसे में नाम वापसी की समय सीमा समाप्त होने के बाद ही यह तय हो सकेगा कि सभी पांच विधानसभा सीटों के लिए कुल कितने प्रत्याशी चुनाव मैदान में एक-दूसरे के मुुकाबिल होंगे।