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Ambedkar Nagar News: हंगामे के मामले में पूर्व विधायक सहित पांच बरी

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पूर्व विधायक पवन कुमार पांडेय। स्रोत : सोशल मीडिया
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अंबेडकरनगर। अकबरपुर बिजलीघर के सामने 1999 में बिजली व्यवस्था के विरोध में हुए बलवा मामले में विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए/अपर सत्र न्यायाधीश (त्वरित प्रथम) परविंद कुमार की कोर्ट ने सोमवार को शिवसेना से पूर्व विधायक पवन कुमार पांडेय सहित पांच आरोपियों को बरी कर दिया। नामजद छठे आरोपी अकबरपुर के राजेपुर निवासी महंथ सिंह की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। अंतिम बहस पांच अगस्त 2026 को पूरी हुई थी, जिसके बाद कोर्ट ने सोमवार को फैसला सुनाया।
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मामला अकबरपुर कोतवाली में 1999 में दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है। अकबरपुर-टांडा मार्ग स्थित विद्युत वितरण खंड कार्यालय के सामने 13 अगस्त 1999 को दोपहर करीब एक बजे बिजली व्यवस्था के विरोध में लोग जुटे थे। अभियोजन के अनुसार भीड़ में कुछ लोग घातक हथियार लिए थे और वहां तैनात पुलिसकर्मियों का रास्ता रोककर सरकारी कार्य में बाधा डाली। पुलिस टीम पर बम, कट्टे और ईंटें फेंकने, गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप भी लगाए गए थे।
घटना के बाद अकबरपुर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की गई। करीब 27 वर्ष चली सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष ने अपने साक्ष्य व दलीलें पेश कीं। अंतिम बहस पांच अगस्त 2026 को पूरी हुई। इसके बाद कोर्ट ने निर्णय के लिए सोमवार की तारीख तय की। सोमवार को कोर्ट ने अकबरपुर के कोटवा मोहम्मदपुर निवासी पवन कुमार पांडेय, पूर्वी नाका शहजादपुर निवासी अनिल तिवारी व नृपेंद्र नाथ तिवारी, गांधीनगर निवासी हरिकृष्णा गौड़ और सम्मनपुर के सिकरोहर निवासी कृष्ण कुमार तिवारी उर्फ बब्लू को बरी कर दिया। कोर्ट ने सभी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
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एससी-एसटी मामले में 19 अगस्त को आएगा फैसला

अंबेडकरनगर। पूर्व विधायक पवन कुमार पांडेय से संबंधित वर्ष 2023 के एससी-एसटी एक्ट के मामले में सोमवार को कोर्ट में बहस हुई। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने 19 अगस्त को फैसला सुनाने की तारीख तय की है। मामला वर्ष 2023 में दर्ज प्रकरण से जुड़ा है। सोमवार को सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष ने अपने-अपने पक्ष में तर्क रखे। बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने पत्रावली निर्णय के लिए सुरक्षित कर ली। (संवाद)
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