अंबेडकरनगर। स्कूली बसों से सफर करने वाले नौनिहालों की सुरक्षा को प्रशासन और पुख्ता बनाएगा। इसके लिए स्कूली बसों में जीपीएस व सीसीटीवी की अनिवार्यता को पूरी सख्ती के साथ लागू कराया जाएगा। इसके साथ ही संभागीय परिवहन विभाग भी अब सिर्फ उन्हीं स्कूलों बसों को फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करेगा, जिनमें फायर सेफ्टी सिलेंडर के साथ ही प्रत्येक सीट पर बेल्ट लगी होगी। वाहन की खिड़की में कम से कम चार लाइन की रॉड के साथ ही दो सीसीटीवी कैमरे लगे होना भी जरूरी होगा। संबंधित वाहन चालक का चरित्र प्रमाणपत्र भी फिटनेस प्रमाणपत्र हासिल करने के लिए एआरटीओ कार्यालय को देना होगा। स्कूली वाहनों की फिटनेस में बरती जा रही इस सख्ती के चलते ही अभी तक 18 स्कूली वाहनों को मानक न पूरा करने के चलते वापस किया जा चुका है।
फिटनेस के नए मानकों से स्कूल प्रशासन के लिए अब स्कूली वाहनों का संचालन एक बड़ी चुनौती होगा। बगैर मानक के वाहनों का संचालन कराने पर दंडात्मक कार्रवाई झेलना पड़ेगी। जिले में 653 स्कूली बसें संचालित हैं। इसमें से 302 वाहनों का फिटनेस प्रमाणपत्र नहीं है। इसके अलावा 557 स्कूली वैन हैं, जिनमें 324 का फिटनेस नहीं है।
एआरटीओ कार्यालय के अनुसार फिटनेस प्रमाणपत्र के लिए तय मानकों में सख्ती के बाद अब जीपीएस सिस्टम, प्रत्येक सीट पर बेल्ट, खिड़की पर चार लाइन में रॉड लगाने, वाहन में कम से कम एक फायर सेफ्टी सिलेंडर के साथ ही बड़े वाहन में दो और छोटे वाहन में एक सीसीटीवी कैमरा लगा होना अब जरूरी होगा। इसके साथ ही वाहन चालक का चरित्र प्रमाणपत्र भी फिटनेस प्रमाणपात्र पाने से एआरटीओ कार्यालय में जमा कराना भी अनिवार्य होगा।
वाहन संचालकों को नोटिस
जिन वाहनों का फिटनेस नहीं है, उन वाहनों के स्वामियों व संचालकों को बीते दिनों ही नोटिस भेजी जा चुकी है। इसमें कहा गया है कि निर्धारित मानक को पूरा करने के साथ ही विभागीय फिटनेस प्रमाणपत्र प्राप्त करने के बाद वाहनों का संचालन किया जाए। बगैर मानक के चलने वाले वाहनों को सीज कर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई होगी।
बीडी मिश्र, एआरटीओ