अंबेडकरनगर। जिले के हथकरघा बुनकरों के लिए राहत की खबर है। पारंपरिक बुनकरी को बढ़ावा देने और बुनकरों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से संचालित ‘झलकारी बाई कोरी हथकरघा एवं पावरलूम विकास योजना’ के तहत 30 व्यक्तिगत हथकरघा बुनकरों के लिए पहली किस्त के रूप में 27.90 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे बुनकरों को कारोबार मजबूत करने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
डीएम ईशा प्रिया ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में योजना के लिए शासन ने 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। शासनादेश के तहत अयोध्या परिक्षेत्र के लिए स्वीकृत धनराशि में से जिले के 30 व्यक्तिगत हथकरघा बुनकरों के पक्ष में पहली किस्त के रूप में 27.90 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह धनराशि पात्र लाभार्थियों को उपलब्ध कराई जाएगी।
योजना का उद्देश्य बुनकरों को आर्थिक सहायता देकर उनके पारंपरिक व्यवसाय को मजबूत करना है। इससे उत्पादन क्षमता बढ़ने और आय में वृद्धि की उम्मीद है। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना का लाभ पात्र और जरूरतमंद बुनकरों तक पारदर्शी व समयबद्ध तरीके से पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि हथकरघा और पारंपरिक कारीगरी से जुड़े लोगों का आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।