अव्यवस्थाओं के बीच बुधवार से जिले के तीन केंद्रों पर यूपी बोर्ड परीक्षा कॉपियों का मूल्यांकन प्रारंभ हुआ। पहले ही दिन 691 परीक्षक अनुपस्थित रहे। वैसे तो मूल्यांकन कार्य 10 बजे से प्रारंभ होना था लेकिन कुछ ही परीक्षक समय से केंद्र पर पहुंच सके।
इसके अलावा कहीं प्रकाश, तो कहीं पेयजल की समस्या भी सामने आई। परीक्षकों ने आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने की मांग की। पहले दिन 12 हजार सात सौ 42 कॉपियों का मूल्यांकन हुआ। गौरतलब है कि बीते दिनों संपन्न हुई यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षाएं समाप्त होने के बाद 30 मार्च से हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य प्रारंभ हुआ।
मूल्यांकन के लिए जिले में तीन केंद्र बीएन इंटर कॉलेज अकबरपुर, जनता इंटर कॉलेज फत्तेपुर बड़ागांव जलालपुर व सरदार पटेल स्मारक इंटर कॉलेज लारपुर बनाए गए। हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की कुल आठ लाख 55 हजार 650 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन होना है।
इसमें बीएन इंटर कॉलेज में तीन लाख 47 हजार 558, जनता इंटर कॉलेज में हाईस्कूल की दो लाख 24 हजार 40 व सरदार पटेल स्मारक इंटर कॉलेज में हाईस्कूल की एक लाख 11 हजार 449 व इंटरमीडिएट की एक लाख 72 हजार 630 कॉपियों का मूल्यांकन 15 अप्रैल तक किया जाना है।
सकुशल मूल्यांकन के लिए कुल दो हजार 107 परीक्षकों को लगाया गया है जिनमें हाईस्कूल के एक हजार 197 व इंटरमीडिएट के 910 परीक्षक शामिल हैं। बुधवार सुबह मूल्यांकन कार्य प्रारंभ हुआ तो पहले ही दिन विभिन्न प्रकार की अव्यवस्थाएं सामने आईं। 691 परीक्षक कॉपियां जांचने संबंधित परीक्षा केंद्र पर पहुंचे ही नहीं।
मूल्यांकन कार्य 10 बजे से प्रारंभ होना था लेकिन सभी परीक्षक समय पर संबंधित केंद्रों पर नहीं पहुंच सके। कोई आधा घंटा देर से पहुंचा तो कोई एक घंटा। कॉपियों की जांच का कार्य भी विलंब से ही शुरू हो पाया। इसके अलावा शिक्षा विभाग के तमाम दावों के बाद भी पेयजल व प्रकाश की समस्या बुधवार को सामने आई।
बीएन इंटर कॉलेज में प्रकाश की समुचित व्यवस्था नहीं थी तो जनता इंटर कॉलेज में पेयजल के लिए परीक्षकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। डीआईओएस डॉ. आरपी वर्मा ने बताया कि बुधवार को शांतिपूर्ण ढंग से उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य प्रारंभ हुआ। किसी भी केंद्र पर कोई समस्या सामने नहीं आई। पहले दिन कुल 12 हजार सात सौ 42 कॉपियों की जांच हुई।