जिले के तीन मूल्यांकन केंद्रों पर बुधवार से यूपी बोर्ड परीक्षा की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य प्रारंभ होगा। 15 अप्रैल तक सुबह 10 से शाम पांच बजे तक कुल आठ लाख 55 हजार 650 उत्तर पुस्तिकाएं जांची जाएंगी। मूल्यांकन कार्य में किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए कुल दो हजार 107 परीक्षकों को लगाया गया है।
इसमें हाईस्कूल की तीन लाख 35 हजार 489 कॉपियों के मूल्यांकन के लिए एक हजार 197 व इंटरमीडिएट की पांच लाख 20 हजार 161 कॉपियों की जांच के लिए 910 परीक्षकों को लगाया गया है। कॉपियों के शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष मूल्यांकन के लिए आवश्यक तैयारियां एक दिन पहले ही पूर्ण कर ली गईं।
गौरतलब है कि 15 फरवरी से अव्यवस्थाओं के बीच यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षाएं प्रारंभ होकर 21 मार्च को संपन्न हुई थीं। नकलविहीन परीक्षा संपन्न कराने को लेकर शिक्षा विभाग ने बढ़-चढ़कर तमाम दावे किए थे लेकिन नकल माफिया के आगे उसकी सभी तैयारियां धरी की धरी रह गई थीं।
इन सबके बीच अब शिक्षा विभाग के समक्ष 30 मार्च से शुरू हो रहे हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य को सकुशल एवं निष्पक्ष ढंग से निपटाने की चुनौती है। बताते चलें कि मूल्यांकन के लिए कुल तीन विद्यालयों को केंद्र बनाया गया है।
इनमें बीएन इंटर कॉलेज अकबरपुर, जनता इंटर कॉलेज फत्तेपुर बड़ागांव जलालपुर व सरदार पटेल स्मारक इंटर कॉलेज लारपुर शामिल हैं। डीआईओएस डॉ. आरपी वर्मा ने बताया कि तीनों केंद्रों पर हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की कुल आठ लाख 55 हजार 650 उत्तर पुस्तिकाओं की जांच की जाएगी।
इसमें हाईस्कूल की तीन लाख 35 हजार 489 व इंटरमीडिएट की पांच लाख 20 हजार 161 कापियां शामिल हैं। बीएन इंटर कॉलेज अकबरपुर में इंटरमीडिएट की तीन लाख 47 हजार 558, जनता इंटर कॉलेज फत्तेपुर बड़ागांव जलालपुर में हाईस्कूल की दो लाख 24 हजार 40 व सरदार पटेल स्मारक इंटर कॉलेज लारपुर में हाईस्कूल की एक लाख 11 हजार 449 व इंटरमीडिएट की एक लाख 72 हजार 630 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन होगा।
मूल्यांकन कार्य को सकुशल निपटाने के लिए कुल दो हजार 107 परीक्षकों को लगाया गया है। इनमें हाईस्कूल के लिए कुल एक हजार 197 व इंटरमीडिएट के लिए 910 परीक्षक लगाए गए हैं। बताया कि मूल्यांकन कार्य को सकुशल निपटाने के लिए आवश्यक तैयारियां एक दिन पूर्व ही पूर्ण कर ली गईं। न सिर्फ पेयजल की समुचित व्यवस्था की गई है बल्कि प्रकाश की भी सुचारु व्यवस्था की गई है।