जहांगीरगंज। सीएचसी जहांगीरगंज में संविदा पर तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर व एएनएम की ओर से फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी किए जाने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। डिप्टी सीएमओ डॉ. उदयचंद्र यादव ने तहरीर देकर धोखाधड़ी, जालसाजी व अन्य आरोप लगाए हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सीएचसी पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यक्रम के तहत संविदा पर तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर अंजनी कुमार के खिलाफ पैसे लेकर फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी किए जाने का मामला प्रकाश में आया था। इसकी शिकायत राजेसुल्तानपुर क्षेत्र के घिन्हापुर निवासी पंकज कुमार ने लगभग 20 दिन पहले डीएम और सीएमओ से की थी। पंकज कुमार ने पैसे मांगने का ऑडियो भी रिकॉर्ड किया था, जिसे साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया था। मामले की जांच सीएमओ डॉ. संजय कुमार शैवाल ने डिप्टी सीएमओ डॉ. उदयचंद्र यादव को जांच सौंपी थी।
डिप्टी सीएमओ ने सीएचसी पहुंच कर जन्म प्रमाणपत्र से संबंधित अभिलेखों का निरीक्षण किया तो यहां उपलब्ध प्रसव रजिस्टर में कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। मामले की जांच में कंप्यूटर ऑपरेटर अंजनी कुमार और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नरियांव में तैनात एएनएम रामरती सिंह को कूटरचित ढंग से अनाधिकृत रूप से जन्म प्रमाणपत्र जारी करने का दोषी पाया गया। जांच के दौरान डिप्टी सीएमओ ने नरियांव क्षेत्र में लोगों को मिले पांच जन्म प्रमाणपत्रों की जांच की। इसमें दो प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए थे। मामले में आरोपी कंप्यूटर ऑपरेटर अंजनी कुमार को विभाग की ओर से संविदा निरस्त करने का नोटिस पहले ही जारी किया जा चुका है और एएनएम को निलंबित किया गया है। इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि मामले में जांच की जा रही है।