अंबेडकरनगर। 15 साल पुराने जानलेवा हमले के मामले में अपर जिला व सत्र न्यायाधीश प्रथम पवन कुमार शुक्ला ने फैसला सुनाया है। पगहरा निवासी काली प्रसाद और उनके दो पुत्रों कमलेश व अखिलेश को दोषी ठहराया गया। तीनों को 10-10 वर्ष के साधारण कारावास की सजा मिली है।
काली प्रसाद पर 20 हजार रुपये और उनके बेटों कमलेश व अखिलेश पर 17-17 हजार रुपये का अर्थदंड लगा। यह घटना 21 मार्च 2011 को हुई थी। बृजेश कुमार की भैंस काली प्रसाद के घर चली गई थी। इसी बात पर विवाद शुरू हुआ। विवाद बढ़ने पर काली प्रसाद ने लाइसेंसी बंदूक से गोली चलाई। उनके पुत्र कमलेश, राकेश व अखिलेश ने तमंचे से हमला किया। बृजेश को बचाने अंजू कुसुम, लक्ष्मी, विवेक, अरविंद और दुर्गावती भी पहुंचे। उन पर भी गोली चलाने, मारपीट व धमकी देने का आरोप था।
आलापुर पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। राकेश किशोर होने के कारण उसकी पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड भेजी गई। एक आरोपी फूलपत्ती की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो गई। न्यायालय ने गवाहों, पुलिस के दस्तावेज और चिकित्सीय साक्ष्यों से आरोप सिद्ध पाए। तीनों को बलवा, हत्या के प्रयास, मारपीट और धमकी जैसे अपराधों में दोषी ठहराया गया।