अंबेडकरनगर। खेती-किसानी को और आधुनिक कृषि यंत्रों से सुसज्जित करने के लिए अनुदान पर ड्रोन उपलब्ध कराने की तैयारी है। ब्लॉकवार लक्ष्य निर्धारण होने के बाद किसान इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से लाभार्थी का चयन किया जाएगा।
सब मिशन आन एग्रीकल्चरल मैकनाजेशन योजनांतर्गत कृषि ड्रोन व उनके सहायक उपकरणों पर सरकार 50 प्रतिशत या पांच लाख रुपये जो कम होगा अनुदान दिया जाएगा। जनपद में पांच लाख से अधिक किसान खेती करते हैं। इन्हें आधुनिक खेती से जोड़ने के लिए कृषि विभाग अनुदान पर ड्रोन देगा। जिले में तीन ड्रोन देने का लक्ष्य मिला है। जल्द ही इसकी बुकिंग के लिए विभागीय पोर्टल पर किसान ऑनलाइन आवेदन कर लाभ ले सकेंगे। लाभार्थियों का चयन ई-लाॅटरी प्रकिया के माध्यम से किया जाएगा। इस योजना का लाभ कृषि स्नातक, एग्रीजक्शन, ग्रामीण उद्यमी एवं एफपीओ ले सकते हैं।
विभागीय पोर्टल पर लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त होने की दशा में जनपद स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय कार्यकारी समिति के समक्ष विभागीय पोर्टल पर ई-लाॅटरी के माध्यम से लाभार्थी का चयन किया जाएगा। कृषि ड्रोन एवं उनके सहायक उपकरण की बुकिंग के समय ही आवेदक को बुकिंग धनराशि पांच हजार रुपये ऑनलाइन जमा करना होगा। लक्ष्य अवशेष रहने पर एवं ई-लॉटरी में चयनित न होने वाले संबंधित कृषकों को बुकिंग धनराशि वापस कर दी जाएगी। ड्रोन के माध्यम से खेत में समुचित ढंग खाद व कीटनाशक का छिड़काव हो सकेगा।
किसे कितना अनुदान
एससीएसटी लघु, सीमांत एवं महिला कृषक को अधिकतम 50 फीसदी या पांच लाख रुपये जो कम होगा वह अनुदान दिया जाएगा। वहीं अन्य किसानों को अधिकतम 40 फीसदी या चार लाख रुपये में जो कम हो, दिया जाएगा।
तीन ड्रोन किसानों को अनुदान पर देने का लक्ष्य मिला है। विभागीय पोर्टल पर आवेदन की तिथि जारी होने पर किसान ऑनलाइन आवेदन कर लाभ पा सकेंगे। -अश्विनी सिंह, उपकृषि निदेशक