सुलेमपुर गांव में मिर्च के फसल की निराई करते किसान संदीप वर्मा।
अंबेडकरनगर। टांडा ब्लाक के सुलेमपुर गांव निवासी संदीप कुमार वर्मा खेती किसानी में सब्जियों की पैदावार कर बेहतर मुनाफा कमा रहे हैं। मोबाइल से खेती किसानी सीखने वाले संदीप ने गांव के अन्य किसानों के समक्ष एक मिसाल पेश की है। उनसे सीख लेकर दूसरे किसान भी अब सब्जियों की खेती में जुट गए हैं।
संदीप ने प्राथमिक से लेकर स्नातक की परीक्षा गांव व आसपास के विद्यालयों से पास की। इसके बाद सीपीएमटी की तैयारी के लिए लखनऊ चले गए। संदीप के पिता भी किसान हैं। संदीप के न रहने पर खेती किसानी का काम प्रभावित होने लगा तो पिता ने उन्हें वापस गांव बुला लिया। घर आकर पहले उन्होंने धान और गेहूं की पारंपरिक खेती करनी शुरू की। लेकिन इससे लागत तक निकालना मुश्किल हो रहा था। इससे निबटने के लिए उन्होंने मोबाइल का सहारा लेकर सहखेती के अन्य विकल्प को खोजकर ढ़ाई बीघे में सब्जी की खेती शुरू की।
इसमें चना, मटर, बैगन, भिंडी, पत्ता गोभी, लहसुन, टमाटर, फूलगोभी, शिमला मिर्च आदि की बोआई की गई। खेती-किसानी से जुड़ी किताबों में सफल किसानों की कहानियां पढ़कर उन्होंने खेतों में जैविक खाद का इस्तेमाल ही करना शुरू किया। इसके लिए आसपास के निजी गोशालाओं से गोबर की खाद लाकर खेतों में डाली। इससे हुई सब्जी की पैदावार से लागत से दोगुना तक मुनाफा मिला। उनको देखकर गांव के कई अन्य किसान भी अब सहखेती में सब्जी की खेती करने लगे हैं।