अंबेडकरनगर। महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में हाजिरी लगाते समय मजदूरों की झपकती पलकें बताएंगी कि वे काम कर रहे हैं। अब उनके चेहरा स्कैन होने के बाद ही उनकी हाजिरी लगेगी। स्कैनिंग के दौरान तीन बार पलकों को झपकना अनिवार्य है। ऑनलाइन हाजिरी लगाने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों को राष्ट्रीय मोबाइल माॅनीटरिंग सिस्टम (एनएमएमएस) साॅफ्टवेयर का इस्तेमाल करना होगा। इस दौरान एक साथ 10 मजदूरों की हाजिरी लगेेगी।
मनरेगा में पारदर्शिता लानेे केे लिए सरकार अब फेेस रीडिंग के जरिए हाजिरी की व्यवस्था करने जा रही है। मनरेगा मजदूर के कामकाज करने के दौरान उनकी हाजिरी कार्य स्थल से 500 मीटर के दायरे में ही लग पाएगी। पहले मौके पर ही एक साथ सिस्टम पर हाजिरी लगती थी। एनएमएमएस सिस्टम का नया अपडेट वर्जन लांच हो जाने से मनरेगा मजदूरों की मजदूरी में पारदर्शिता आ जाएगी। मनरेगा योजना में शासन स्तर पर हो रही सख्ती के बाद मजदूरों की संख्या घटती जा रही है। जबकि एक दिन के काम की मजदूरी 237 रुपये शासन की ओर से निर्धारित की गई है। यही कारण है कि गांव में काम कराने के लिए मजदूर खोजे नहीं मिलते हैं। अधिकारियों पर भी समय से काम पूरा कराने का दबाव रहता है। इसीलिए कभी-कभी काम में मशीनरी का प्रयोग भी होते देखा जाता है। डीसी मनरेगा विजय अस्थाना ने बताया कि हाजिरी की नई प्रक्रिया शुरू करने की कवायद चल रही है। इसके लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।