शुक्रवार को टांडा के सुंथर गांव में रजबाहा कटने के बाद पोकलैंड मशीन से पटाई करते श्रमिक। संवाद
सद्दरपुर। टांडा तहसील क्षेत्र के सुंथर गांव के पास बृहस्पतिवार दोपहर जहांगीरगंज रजबाहा की पक्की पटरी और 15 फीट खड़ंजा पानी के तेज बहाव से कट गया था। बृहस्पतिवार दोपहर से विभाग की टीम ने मरम्मत का काम शुरू किया गया। पूरा रात काम चला रहा, लेकिन शुक्रवार शाम तक मरम्मत पूरी नहीं हो सकी। हालांकि किसी तरह पानी का बहाव रोका गया है, जिससे किसानों ने राहत की सांस ली।
जहांगीरगंज रजबाहा का हेड टांडा तहसील के सिबलीपुर में है। बृहस्पतिवार को रजबाहा की पक्की पटरी सुंथर गांव के पास कट गई थी। नहर की बाईं पटरी से अचानक पानी का रिसाव शुरू हुआ। तेज बहाव से रजबाहा का पक्का किनारा, बंधा व खड़ंजा भी कट गए थे। किसानों की करीब 200 बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई थी। रजबाहा की पटरी कटने की जानकारी पर बृहस्पतिवार को सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने दो पोकलैंड व पांच जेसीबी मशीन के साथ गांव पहुंच कर मिट्टी पटाई का काम शुरू किया था। पूरी रात काम चलने के बाद शुक्रवार को भी देर शाम तक सिर्फ मिट्टी पटाई का काम ही पूरा हो सका। पटरी की मरम्मत में अभी काफी काम बाकी है। हालांकि मिट्टी के पटने के कारण पानी का रिसाव बंद हो गया है, जिससे किसानों ने राहत की सांस ली।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता शोभित कुशवाहा ने बताया कि मिट्टी पटाई का काम करा दिया गया है। इसके कारण पानी का रिसाव पूरी तरीके से बंद हो गया है। अभी काम चल रहा है रात तक इसे पूरा करा लिया जाएगा। जो आवागमन बाधित हुआ था वह दोबारा शुरू हो गया है।