भीषण गर्मी व उमस के बीच शनिवार सुबह लगभग चार घंटे तक मानसून की पहली मूसलधार बारिश हुई। तेज बारिश के चलते खेतों में पानी भर गया जिससे धान की रोपाई के कार्य में तेजी आई। बारिश शुरू होते ही किसान खेतों में पहुंचकर धान की रोपाई में जुट गए।
उधर, जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई जिससे लोगों को आवागमन में भारी दिक्कत हुई। लगभग पूरे दिन हुई बारिश से भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों ने राहत की सांस ली। शनिवार सुबह काफी इंतजार के बाद हुई मानसून की झमाझम बारिश ने किसानों के चेहरे पर भी चमक उत्पन्न कर दी।
वैसे तो शुक्रवार रात से ही काले बादल उमड़-घुमड़ रहे थे। देर रात बूंदाबांदी भी हुई लेकिन तेज बारिश नहीं हो सकी। सुबह होते-होते काले बादल बरस पड़े। लगभग चार घंटे तक मूसलधार बारिश हुई। खेत में समुचित पानी न होने से आर्थिक रूप से कमजोर किसान धान की रोपाई नहीं कर पा रहे थे।
शनिवार सुबह जब बारिश शुरू हुई तो देखते ही देखते खेतों में पानी भर गया। यह देख किसानों के चेहरे खिल उठे। वे खेतों में पहुंच गए और धान की रोपाई का कार्य तेजी से शुरू कर दिए। अकबरपुर के किसान रामसजीवन व ध्रुवकुमार ने कहा कि आखिरकार भगवान ने किसानों की सुन ही ली। यह बारिश धान की फसल के लिए वरदान साबित होगी।
भीटी के अनिल कुमार व अखिलेश ने कहा कि यदि इसी प्रकार की बारिश समय-समय पर होती रहे, तो धान की अच्छी उपज होने की संभावना है। हालांकि चिंता भी जताई कि यदि बारिश के बाद तेज धूप निकलती है और कई दिन तक बारिश नहीं हुई तो इसका प्रतिकूल प्रभाव धान की फसल पर पड़ सकता है।
उधर, बारिश से भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों ने राहत की सांस ली लेकिन जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। नाले व नालियों का पानी सड़क पर बहने लगा।
इसके चलते लोगों को आवागमन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। लगातार हुई बारिश का असर यह रहा कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्र की बाजारों में दोपहर तक सन्नाटा पसरा रहा। इतना ही नहीं ज्यादातर सरकारी कार्यालयों में पूर्वाह्न 11 बजे तक सन्नाटे का माहौल रहा।