अंबेडकरनगर। ऐप में तकनीकी गड़बड़ी के चलते किसान रजिस्ट्री का कार्य ठप है। इसके अक्तूबर से चालू होने की उम्मीद जताई जा रही है। ऐसे में किसान सम्मान निधि का लाभ पाने के लिए किसानों को इंतजार करना पड़ सकता है।
बीती आठ जुलाई से किसान रजिस्ट्री का कार्य शुरू कराया गया। करीब तीन सौ रजिस्ट्री ही हो पाई थी। इसी बीच बीते दिनों एप में तकनीकी गड़बड़ी के चलते कार्य बाधित हो गया। यह कार्य निशुल्क कराया जा रहा था। दरअसल शासन ने किसानों की फार्मर रजिस्ट्री तैयार करने का निर्देश दिया है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 19वीं किस्त भी उन्हीं किसानों को मिलेगी, जो फार्मर रजिस्ट्री कराएंगे।
विवाद होंगे समाप्त
यदि किसी गांव में एक नाम से दो या तीन किसान हैं तो उन सभी का नाम और पिता का नाम दर्ज करते हुए उनका अलग से ऑनलाइन पोर्टल बनाकर राज्य सरकार को उपलब्ध कराया जाएगा। ऐसा इसलिए जिससे भविष्य में किसी प्रकार का विवाद होने पर उस रिपोर्ट के जरिए निस्तारण किया जा सके। इसमें भूमि के नंबर आदि का विवरण दर्ज किया जाएगा। इसके बाद एक किसान नंबर जारी होगा। इस नंबर के जरिए ही संबंधित किसान का पूरा विवरण देखा जा सकेगा।
रजिस्ट्री नंबर पर मिलेगी किस्त
रजिस्ट्री से मिलने वाले नंबर के जरिये ही किसानों को पीएम सम्मान निधि की 19वीं किस्त जारी की जाएगी। वहीं, अन्य योजनाओं का लाभ भी इसके जरिये किसानों को दिया जाएगा। केंद्र सरकार की ओर से एग्रीस्टैक (कृषि के लिए डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा) विकसित करने की योजना के तहत किसान रजिस्ट्री की जा रही है। सरकार की ओर से तैयार कराए गए मोबाइल ऐप पर हर किसान का पूरा विवरण दर्ज किया जाएगा।
ये होगा फायदा
किसान को किसी प्रकार का ऋण लेने के लिए राजस्व रिकार्ड देना पड़ता है। किसान रजिस्ट्री होने से नंबर को संबंधित एप पर डालकर उनका पूरा विवरण देखा जा सकेगा। किसान कल्याण की योजनाएं बनाने और उसके क्रियान्वयन में आसानी होगी। लाभार्थियों के सत्यापन, कृषि उत्पाद के विपणन सहूलियत होगी।
वर्जन:::
ऐप में गडबड़ी के चलते किसान रजिस्ट्री का कार्य बंद चल रहा है। अक्तूबर माह से ऐप के काम करने की उम्मीद जताई जा रही है। -डॉ.अश्वनी सिंह, उपकृषि निदेशक