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Ambedkar Nagar News: सीने में दर्द के बाद अस्पताल पहुंचे किसान की मौत, हंगामा

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महामाया राजकीय एलोपै​​थिक मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर ​​स्थित पोस्टमार्टम हाउस के बाहर दुखी होकर बैठे
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सद्दरपुर। सीने में दर्द की शिकायत के बाद अकबरपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराए गए बेवाना क्षेत्र के होरिलपुर निवासी किसान वीरेंद्र प्रताप मौर्य (68) की शनिवार रात उपचार के दौरान मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। मृतक के बेटे महेंद्र प्रताप मौर्य ने चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अकबरपुर कोतवाली में तहरीर दी है। पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से मामले की जांच कराने की बात कही है।
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परिजनों के अनुसार शनिवार दोपहर करीब 1:30 बजे वीरेंद्र प्रताप के सीने में अचानक तेज दर्द हुआ। कुछ ही देर में उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। इस पर परिजन उन्हें लेकर अकबरपुर के निजी अस्पताल पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने उनका उपचार शुरू किया। परिजन भी अस्पताल में मौजूद रहे और उपचार के दौरान उनकी हालत पर नजर बनाए रखी। करीब 11 घंटे तक उपचार चलने के बाद रात करीब 12:30 बजे चिकित्सकों ने वीरेंद्र प्रताप को मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल में मौत की जानकारी मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। इसके बाद बेटे महेंद्र प्रताप ने अस्पताल के चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। उन्होंने पुलिस को तहरीर देकर मामले की जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सीओ सिटी नितीश कुमार तिवारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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घर में पसरा मातम
वीरेंद्र प्रताप खेती-किसानी कर परिवार की जिम्मेदारियां संभालते थे। शनिवार दोपहर अचानक सीने में दर्द होने पर परिजन उन्हें अस्पताल लेकर गए थे। उन्हें उम्मीद थी कि उपचार के बाद वह स्वस्थ होकर घर लौट आएंगे, लेकिन रात में उनकी मौत की खबर से परिवार में मातम छा गया। वीरेंद्र के परिवार में उनकी दो पत्नियां प्रेमा मौर्या व मंजू मौर्या, तीन बेटे महेंद्र, सुरेंद्र व जितेंद्र और दो बेटियां रीचा व सृष्टि हैं। पति की मौत के बाद दोनों पत्नियों का रो-रोकर बुरा हाल है। बच्चों और अन्य परिजनों का भी रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के सामने अब खेती-किसानी और घर की जिम्मेदारियां संभालने की चुनौती है।
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