कटका के खानपुर हुसैनाबाद लखनिया गांव में नकली जेवर देने के बाद बंधक बनाए गए दूल्हे व बरातियों स
जलालपुर। कटका के खानपुर हुसैनाबाद लखनिया गांव में बुधवार की भोर सिंदूरदान की रस्म के समय दुल्हन पक्ष ने दूल्हे और उसके 35 रिश्तेदारों को नकली सोने के गहने देने और जाति छिपाकर धोखाधड़ी करने के आरोप में बंधक बना लिया। सुबह जानकारी होने पर पुलिस बंधक बनाए गए लोगों को थाने लेकर पहुंची। दुल्हन के पिता ने वर पक्ष के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और शादी के खर्च का हर्जाना भरने की मांग की है।
गांव निवासी गिरीश चंद्र निषाद की बेटी की शादी चार मई को तय थी। मंगलवार की शाम बाराबंकी के जैतपुर क्षेत्र के हरख गांव से सूरज व उसके परिवार के लोग बरात लेकर पहुंचे थे। गाजे-बाजे के साथ डीजे की धुन पर बराती दुल्हन के घर पर पहुंचे। द्वारचार की रस्म के बाद हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह की रस्में शुरू हुईं। बुधवार भोर तीन बजे फेरे होने से पहले सिंदूरदान की रस्म के समय दूल्हे के पिता ओमप्रकाश ने चढ़ावे के जेवर गिरीश चंद्र को सौंपे। गहनों की चमक अजीब लगने पर वहां मौजूद घर की औरतों ने जेवर नकली होने की शंका जताई।
इसकी जांच करने के लिए जब जेवरों को हाथ से रगड़ा गया तो पीला रंग छूटने लगा। बाद में पता चला कि जेवर पीली धातु के हैं। इसके बाद वधू पक्ष के लोग भड़क गए और दूल्हे सूरज, उसके भाई सावन सहित अन्य बरातियों को बंधक बना लिया। यह देख दूल्हे का पिता ओम प्रकाश भीड़ को चकमा देकर जेवर लेकर भाग निकला। स्थानीय लोगों ने इस घटना की जानकारी तत्काल पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को संभाला और बंधक बनाए गए दूल्हे व रिश्तेदारों को बस के साथ थाने ले आई। थानाध्यक्ष अवधेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि लड़की के पिता ने तहरीर दी है। दोनों पक्षों से वार्ता के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जाति को लेकर भी विवाद
लड़की के पिता गिरीश ने यह भी आरोप लगाया कि दूल्हा सूरज और उसका भाई सावन खुद को गौतम जाति का बता रहे थे, जबकि दूल्हे के फूफा व बिचौलिये भूपेंद्र ने निषाद बताकर शादी तय कराई थी। बाद में घरातियों ने दूल्हे की भाभी आरती, बुआ गुड़ा देवी, बहन आरती और फूफा की बेटी अनमोल सहित अन्य लोगों को भी पुलिस के हवाले कर दिया है।