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Ambedkar Nagar News: जिलेभर में बनाए जा रहे फर्जी जन्म प्रमाणपत्र, चार और मिले

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अंबेडकरनगर। एएनएम और कंप्यूटर ऑपरेटर की मिलीभगत से फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाने का खेल सिर्फ जहांगीरगंज तक ही सीमित नहीं है। जिलेभर में कई और गिरोह फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाने का खेल कर रहें हैं। इसका खुलासा पूर्व सांसद रितेश पांडेय की अवध म्यूटीनियर्स स्पोर्ट्स क्लब में प्रवेश के लिए आए आवेदनों के साथ लगे जन्म प्रमाणपत्र की जांच में हुआ है। अकादमी की ओर से स्वास्थ्य विभाग को भेजे गए छह प्रमाणपत्रों में चार प्रमाणित नहीं हो पाए हैं। यह चारों जन्म प्रमाणपत्र अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों से जारी किए गए थे।
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अवध म्यूटीनियर्स स्पोर्ट्स क्लब शहर के जौहरडीह स्थित तक्षशिला रूट्स में संचालित होता है। यहां फुटबॉल खिलाड़ियों का पंजीकरण करते हुए प्रशिक्षण दिया जाता है और उन्हें अलग-अलग टूर्नामेंट में प्रतिभाग कराया जाता है। स्पोर्ट्स क्लब के मुख्य कोच विशाल अहलावत ने 10 अप्रैल को छह जन्म प्रमाणपत्र सत्यापित कराने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार शैवाल को पत्र लिखा था। सीएमओ ने संबंधित अधीक्षकों को पत्र लिखकर सत्यापन आख्या मांगी थी।
जांच में कई अहम खुलासे हुए। 23 मार्च 2021 को समृद्ध दूबे पुत्र मनोज कुमार दूबे निवासी रतनपुर अकबरपुर के नाम से जिला चिकित्सालय अकबरपुर से जारी जन्म प्रमाणपत्र को प्रमाणित नहीं किया जा सका। इसी तरह 20 सितंबर 2023 को सत्यम राजभर पुत्र रामप्रकाश निवासी सिझौली अकबरपुर, 10 अक्तूबर 2014 को प्रशांत कुमार यादव पुत्र मनोज कुमार यादव निवासी मंसूरपुर जलालपुर के जन्म प्रमाणपत्र सीएचसी अकबरपुर से जारी न होने की बात सामने आई। इसी तरह सीएचसी जलालपुर से 11 दिसंबर 2023 को जारी मोहम्मद सैफ पुत्र शमशाद अली निवासी बहलोलपुर का जन्म प्रमाणपत्र भी फर्जी पाया गया।
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इस खुलासे के बाद माना जाने लगा है कि जिलेभर में पिछले काफी समय से फर्जी प्रमाणपत्र बनाने का खेल चल रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इसमें कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
होगी उच्च स्तरीय जांच
स्पोर्ट्स अकादमी की ओर से उपलब्ध कराए गए प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराने जाने पर चार प्रमाणित नहीं किए जा सके हैं। इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी सामने आएंगे, उनपर कार्रवाई की जाएगी।
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- डॉ. संजय कुमार शैवाल
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