सोमवार चौथे दिन भी मातृ-पितृ भक्त के प्रतीक श्रवण कुमार की तपोस्थली पर लोगों भारी हुजूम उमड़ा। युवाओं ने थिएटर, झूला व मौत का कुआं आदि का लुत्फ उठाया। सोमवार को दर्जनों मेलार्थी ऐसे मिले, जो इनका शिकार हो गए थे।
मेले में सुरक्षा व्यवस्था न होने के चलते वह अपनी फरियाद भी किसी के पास नहीं दर्ज करा पाए। क्षेत्र के महेंद्र पटेल व संजय सिंह आदि ने प्रशासन से मेले की आस्था को देखते हुए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराने की मांग की है।