नोटबंदी के बावजूद नए वर्ष के स्वागत को लेकर युवाओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। बीत रहे वर्ष को अलविदा करने एवं नए वर्ष का स्वागत करने के लिए युवाओं ने पहले से ही विभिन्न तैयारियां कर रखी थीं। होटल व रेस्टोरेंट से लेकर पार्क में नए वर्ष के जश्न की धूम रही। जगह-जगह डीजे की कर्णप्रिय धुनों के बीच बच्चों से लेकर युवक-युवतियों ने तरह-तरह के केक काटकर नए वर्ष का स्वागत किया।
वर्ष 2016 को अलविदा और नए वर्ष के स्वागत के लिए जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक जश्न का माहौल दिखाई दिया। बढ़ती महंगाई व नोटबंदी का किसी प्रकार का प्रभाव नए वर्ष का जश्न मनाने वाले लोगों पर नहीं दिखा। इसे लेकर सबसे अधिक उत्साह युवाओं में रहा जिन्होंने अलग-अलग तरीके से अपने दोस्तों के साथ नए साल का जश्न मनाया।
किसी ने घर में धूमधड़ाके के बीच केक काटा तो किसी ने होटल व रेस्टोरेंट में। जैसे-जैसे दिन ढल रहा था, युवाओं समेत आमजन में नए वर्ष के स्वागत को लेकर उत्साह बढ़ता जा रहा था। शाम होते-होते जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह डीजे की धुन पर युवक-युवतियां थिरकते दिखे।
युवा व्यवसायी विशु सोनी, गोलू अग्रहरि व संदीप सोनी ने बताया कि उन्होंने नए वर्ष का जश्न अपने दोस्तों के साथ जिला मुख्यालय स्थित एक होटल में मनाया। कुछ युवाओं ने एक-दूसरे के घरों में ही पार्टी की। शहजादपुर निवासी रवि ने बताया कि उसके दोस्त कलीम के घर रखी गई नए वर्ष के जश्न की पार्टी में केक काटा और इसके बाद गीत-संगीत के बीच सब लोगों ने मिलकर मनपसंद भोजन का लुत्फ उठाया।
उधर, जिला मुख्यालय स्थित विभिन्न होटल भी रंग-विरंगी झालरों की सजावट के साथ नए साल का स्वागत करते दिखे। रेलवे स्टेशन के निकट एक होटल मालिक दयाराम वर्मा ने बताया कि भीड़ को देखते हुए पहले से ही स्टाफ बढ़ा लिए हैं। नए वर्ष के स्वागत के लिए जिला मुख्यालय पर फूलों व गुलदस्ते की जमकर बिक्री हुई। जगह-जगह फूलों की दुकानें सजी रहीं।
सुबह से ही इन दुकानों पर फूलों, गुलदस्ते व बुके की खरीदारी का सिलसिला शुरू हो गया जो देर शाम तक चलता रहा। अकबरपुर नगर के बस स्टेशन के निकट फूलों की दुकान करने वाले घनश्याम ने कहा कि नोटबंदी का फूलों की बिक्री पर किसी प्रकार का प्रभाव नहीं पड़ा है। दरअसल ग्रीटिंग का प्रचलन लगभग बंद होने से अब लोग नववर्ष की बधाई देने के लिए फूलों, गुलदस्तों व बुके का सहारा ले रहे हैं।
एक अन्य दुकानदार बसंतलाल ने बताया कि विगत वर्ष के सापेक्ष इस वर्ष फूलों की बिक्री में तेजी आई है। लोगों ने बढ़-चढ़कर फूलों, गुलदस्तों व बुके की खरीदारी की। नए साल के स्वागत एवं वर्ष भर शांति के लिए शनिवार सुबह से ही जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्र की विभिन्न मंदिरों में विशेष पूजन अर्चन का दौर शुरू हुआ।
जिला मुख्यालय स्थित हनुमान मंदिर, दुर्गा मंदिर, काली मंदिर, गायत्री मंदिर में विशेष पूजन अर्चन का दौर चला। इसके अलावा टांडा, जलालपुर, आलापुर व भीटी तहसील क्षेत्रों में भी स्थित विभिन्न मंदिरों में नए वर्ष को लेकर विशेष पूजन अर्चन की गई।
उधर विश्व प्रसिद्ध दरगाह किछौछा शरीफ में लोगों ने पहुंचकर आस्ताने आलिया पर चादर चढ़ाई और नए वर्ष में शांति एवं आपसी भाईचारगी की दुआ की। सज्जादानशीन सै. मोहिउद्दीन अशरफ के नेतृत्व में इंतजामिया कमेटी के सदस्यों ने आस्ताने आलिया पर पहुंचकर चादर चढ़ाई और देश में अमन चैन की विशेष दुआ की। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी नए साल के जश्न की धूम शहरी क्षेत्र से कम नहीं हैं।
टांडा में युवाओं ने छोटे-छोटे ग्रुप में होटलों व घरों में एक दूसरे को पार्टी दी। शनिवार को सुंदर कांड सेवा समिति ने नववर्ष के मंगलकारी होने के लिए शिवमंदिर मुबारकपुर में भजन संध्या की। इसमें अध्यक्ष अमित मोदनवाल, सुनील, पिंटू, दीपक व जितेंद्र आदि मौजूद रहे। वहीं इब्राहिमपुर, बसखारी, हंसवर व सूरापुर आदि लोगों ने उत्साह से नए साल का स्वागत किया।
कई तरह के आयोजन किए गए। जलालपुर में युवाओं की टोली आधी रात करीब जमालपुर चौराहे के निकट एकत्र होकर पटाखे छुड़ाती नजर आई। आलापुर, भीटी, मालीपुर व जहांगीरगंज प्रतिनिधियों के अनुसार क्षेत्र में नए साल का जोश हर जगह दिखाई पड़ा। शनिवार रात से लेकर रविवार को पूरे दिन यह जश्न चलता रहेगा।