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Ambedkar Nagar News: अमित शाह की सभा भी नहीं आई काम

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अंबेडकरनगर। लोकसभा चुनाव से पहले तेजी से बदले घटनाक्रम में बसपा सांसद रितेश पांडेय को पीएम नरेंद्र मोदी ने संसद भवन में लंच पर बुलाकर अपने पाले में कर लिया था। इसके बाद बीजेपी ने पार्टी में शामिल कर रितेश को चुनाव लड़ा डाला। रितेश को अपना मित्र बताते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी यहां चुनाव प्रचार करने पहुंचे लेकिन उनका भी जादू नहीं चल सका।
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वर्ष 2019 के चुनाव में तमाम कोशिशों के बाद भी अंबेडकरनगर लोकसभा सीट पर बसपा प्रत्याशी रितेश पांडेय के हाथों पराजित होने वाली भाजपा ने मौजूदा लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिए कई तरह की रणनीति पर काम किया। अत्यंत सधे अंदाज में पूरी मुहिम को अंजाम दिया गया। भाजपा ने एक-एक सीट को कितने महत्व से लिया इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं जिम्मा संभाला था।
पीएम के आमंत्रण पर बसपा सांसद रितेश पांडेय नौ फरवरी को संसद में लंच करने पहुंचे। पीएम नरेंद्र मोदी के साथ चंद सांसदों के लंच में वे शामिल हुए। यहीं से उनके बीजेपी में शामिल होने का प्लान तैयार हो गया। इसके बाद बीजेपी ने पार्टी में शामिल किया और तमाम उहापोह के बीच उन्हें टिकट भी थमा दिया। चूंकि रितेश को पीएम ने स्वयं लंच पर आमंत्रित किया था इसलिए उम्मीद थी कि वे रितेश का चुनाव प्रचार करने जरूर पहुंचेंगे। पीएम तो यहां नहीं आए लेकिन रितेश के प्रचार को धार देने के लिए फायर ब्रांड नेता माने जाने वाले गृहमंत्री अमित शाह ने शिवबाबा मैदान में 23 मई को बड़ी जनसभा की। इसमें अमित शाह ने रितेश को अपना मित्र तक बता डाला। भीड़ का उल्लेख कर उन्होंने रिकाॅर्ड मतों से जीत का दावा भी किया। इससे भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह दौड़ गया। चुनाव का रुख शाह की रैली के बाद से कुछ बदलता भी दिखा लेकिन इसका असर परिणामों पर नहीं आया।
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भाजपा के दो बड़े नेताओं पीएम नरेंद्र मोदी व गृहमंत्री अमित शाह से बेहद नजदीकी के बाद भी रितेश की हार को यहां पार्टी के भीतर बड़े सदमे के तौर पर देखा गया। क्योंकि लोगों को उम्मीद थी कि रितेश सांसद बने तो केंद्र की सरकार में उनका मंत्री बनना भी तय होगा। दरअसल पिछले कार्यकाल में रितेश सदन के श्रेष्ठ सांसदों में से एक चुने गए थे। लोकसभा में उनकी उपस्थिति से लेकर जनहित व राष्ट्रीय हित के सवालों ने उनकी अलग पहचान बना रखी है। माना जा रहा था कि बीजेपी के टिकट पर सांसद बने तो उन्हें मंत्री भी बनाया जाएगा। (संवाद)
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