गर्मी की तपिश शुरू होने के साथ ही आग का कहर किसानों पर टूटने लगा है। अलग-अलग क्षेत्रों में आग की कुल पांच घटनाओं में लगभग छह लाख रुपये की गेहूं की फसल जलकर खाक हो गई। आग ने कुल 29 बीघा गेहूं की फसल को जलाकर नष्ट कर दिया।
इसके अलावा तीन बीघा अरहर की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। इसमें भी लगभग 75 हजार रुपये की फसल जलकर खाक हुई है। सोमवार देर शाम अहिरौली थाना क्षेत्र के मिझौड़ा गांव निवासी मोहम्मद नौशाद के खेत से लपटें निकलनें लगीं। राहगीरों ने शोर मचाया तो लोग इकठ्ठा हुए।
लगभग तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग नियंत्रित की जा सकी। गांव व आसपास के क्षेत्रों में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। इस घटना से मोहम्मद नौशाद को करीब एक लाख रुपये की क्षति हुई है। पीड़ित ने तहसील प्रशासन से अहेतुक सहायता दिलाने की मांग की है।
मंगलवार सुबह अरियौना गांव के मदन मोहन उपाध्याय के खेत में अचानक आग लग गई। गुहार पर पहुंचे ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। इस पर ग्रामीणों ने सूचना अकबरपुर फायर स्टेशन को दी। सूचना पर पहुंची फायर टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से आग बुझाई।
हालांकि तब तक मदन मोहन उपाध्याय की करीब ढाई बीघा गेहूं की फसल तथा मोहम्मद नजीर की 10 बिस्वा गेहूं की फसल राख हो गई। इससे दोनों परिवारों को करीब 60 हजार रुपये की क्षति हुई है। भीटी प्रतिनिधि के अनुसार थाना अंतर्गत वीरसिंहपुर सरैया गांव में मंगलवार दोपहर गांव निवासी रामजनम पांडेय के गेहूं के खेत में आग लग गई।
लपटें उठती देख आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई। गुहार पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। तेजी के साथ आगे बढ़ती आग ने इर्दगिर्द के खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को भी अपनी चपेट में ले लिया।
लगभग एक घंटे के अथक प्रयास के बाद आग पर काबू पाया जा सका लेकिन तब तक चार लोगों की 15 बीघा गेहूं की फसल पूरी तरह राख हो चुकी थी। इसमें गांव निवासी रामजनम पांडेय की पांच बीघा, राधेश्याम मिश्र की चार बीघा, सुनील मिश्र की तीन बीघा व महेंद्र मिश्र की तीन बीघा गेहूं की फसल शामिल रही।
इसमें लगभग तीन लाख की फसल का नुकसान किसानों को हुआ है। सबसे अधिक मुश्किल रामजनम के समक्ष खड़ी हुई है। कारण यह कि उसने पांच बीघा क्षेत्र में गेहूं की बोआई की थी। पूरी फसल राख हो जाने के चलते उनके समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है।
उधर सूचना मिलने पर भी फायर ब्रिगेड टीम के न पहुंचने पर ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। उनका कहना था कि यदि तहसील मुख्यालय पर फायर स्टेशन की स्थापना की गई होती तो शायद इतने बड़े नुकसान से बचा जा सकता था। बसखारी प्रतिनिधि के अनुसार किछौछा के निकट नौशाद के खेत में लगी आग से लगभग डेढ़ बीघा अरहर की फसल राख हो गई।
इससे उसे करीब 45 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। जलालपुर के मालीपुर में आग लगने से लगभग 75 हजार रुपये की गेहूं की फसल राख हुई है, जबकि टांडा तहसील के केदारनगर के निकट लगी आग से श्याममोहन की लगभग एक बीघा में लगी लगभग 30 हजार रुपये की अरहर की फसल राख हो गई।